नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कर्नाटक सरकार को 500 करोड़ रुपए एक एस्क्रो एकाउंट (पूर्व निर्धारित मद में खर्च करने के लिए खोला गया खाता) में जमा कराने का आदेश दिया है। इस रकम से राज्य की बालेंदुर, अगारा और वारथुर झीलों का संरक्षण और पुनरुद्धार कार्य किया जाएगा।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने झीलों को पूर्व में पहुंच चुकी पर्यावरणीय क्षति के लिए कर्नाटक सरकार पर 50 करोड़ रुपये और ब्रूहट बंगलूरू महानगर पालिका (बीबीएमपी) पर 25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाभी लगाया है।
जुर्माना राशि एक महीने में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पास जमा करानी होगी। पीठ ने जस्टिस संतोष हेगड़े (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में सीपीसीबी और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधियों की मौजूदगी वाली समिति भी बनाई, जो एक महीने में झीलों के पुनरुद्धार की कार्ययोजना सौंपेगी। साथ ही प्रदूषण रोकने में विफल रहे सरकारी अधिकारियों को चिह्नित करेगी।