आईपीएल व अन्य टूर्नामेंट के दौरान क्रिकेट स्टेडियमों के रखरखाव में पीने योग्य पानी के इस्तेमाल पर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने गंभीर चिंता जताई है। एनजीटी ने खेल के मैदानों पर भूजल दोहन के नियमन को लेकर जलशक्ति मंत्रालय को एक महीने में बैठक करने का निर्देश दिया है।
एनजीटी ने मंत्रालय के सचिव को खेल व युवा मामलों के मंत्रालय के नामित अधिकारी, बीसीसीआई व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधियों के साथ भूजल के इस्तेमाल के नियमन के मुद्दे पर विचार करने को कहा है।
जस्टिस एके गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, जिन मुद्दों पर विचार किया जाए उसमें खेल के मैदानों के रखरखाव में भूजल के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने के विषय को भी शामिल किया जा सकता है।
विशेषकर उस समय जब असल में कोई मुकाबले ना खेले जा रहे हों और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से शुद्ध जल के इस्तेमाल पर विचार किया जा सकता है। बारिश के जल के प्रभावी संचयन को सुनिश्चित किया जाए और भूजल को बचाने के लिए जल का संचयन करने वाली प्रणाली को सभी मैदानों पर लगाया जाए।
इस प्रस्ताव पर कोई विवाद नहीं हो सकता कि पानी का संरक्षण पर्यावरण की सख्त जरूरत है। जहां तक संभव हो खेल के मैदानों के रखरखाव में पीने योग्य पानी के इस्तेमाल से बचने के हरसंभव प्रयास करने चाहिए। एनजीटी हैदर अली की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।