राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (ईडी) ने बिजली और कोयला मंत्रालयों के सचिवों को निर्देश दिया है कि छह महीने के अंदर देशभर में स्थित थर्मल पावर स्टेशनों का सुरक्षा ऑडिट कराएं ताकि तमिलनाडु के नेवेली बॉयलर ब्लास्ट जैसा हादसा भविष्य में फिर न हो। एनजीटी चेयरमैन जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की पीठ ने भविष्य के लिए अपनाए जाने वाले उपचारात्मक उपायों का निर्देश दिया।
एनजीटी ने कहा कि वह केंद्र सरकार के सचिवों, बिजली और कोयला मंत्रालयों के साथ ऐसे अन्य विभागों/संस्थानों को पूरे देशभर के थर्मल पावर स्टेशनों का सुरक्षा ऑडिट का निर्देश देते हैं। यह काम छह महीने के अंदर पूरा किया जाना होगा ताकि भविष्य में नेवेली जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचा जा सके।
एनजीटी ने यह निर्देश एक रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद कही। रिपोर्ट में कहा गया था कि नेवेली बॉयलर ब्लास्ट की घटना की वजह 28 एसओपी और प्रक्रिया का ज्ञान नहीं रखने वाली स्थिति से निपटने वाले कर्मचारियों की विफलता थी। साथ ही कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण और अपेक्षित कार्य परमिट नहीं दिया गया था।
एनजीटी को यह भी बताया गया कि पीड़ितों को निर्देशानुसार मुआवजा दिया जा चुका है। इस साल जुलाई में नेवेली बॉयलर ब्लास्ट में छह लोगों की जान चली गई थी और 17 लोग घायल हुए थे।