राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने यूपी के मुजफ्फरनगर में चीनी मिल के प्रदूषण के खिलाफ याचिका पर एक समिति का गठन किया है और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस एके गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने तथ्यों का पता लगाने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त समिति बनाई है। पीठ ने अपने आदेश में कहा, समिति तथ्यों का पता लगाए और अपनी वैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उचित कार्रवाई करे। दो महीने में अपनी रिपोर्ट पीठ के समक्ष पेश करे।
पीठ ने याचिकाकर्ता विनीत कुमार को सीपीसीबी और यूपीपीसीबी को सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने और एक हफ्ते के भीतर हलफनामा दायर करने को कहा है। विनीत कुमार ने याचिका दायर कर मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर में डीएसएम चीनी मिल पर पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था।
याचिका में कहा गया है कि मिल से निकलने वाला औद्योगिक कचरे को पास के नारे में बहा दिया जाता है। यह नाला ग्राम सभा के तालाब में मिलता है और इसके बाद इसका पानी काली नदी में छोड़ दिया जाता है।