राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने वायु प्रदूषण को कम करने के मकसद से खदानों से बिजली संयंत्रों तक कोयला पहुंचाने को सड़क निर्माण नहीं कराने पर छत्तीसगढ़ सरकार को फटकार लगाई है।
एनजीटी के अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव निर्देश दिए कि वह सुनिश्चित करें कि सड़क निर्माण लिए संबंधित विभाग जरूरी कदम उठाए और क्षेत्र में वायु प्रदूषण से प्रभावित लोगों को पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया हों।
पीठ ने कहा, राज्य बोर्ड को उन क्षेत्रों की सूची तैयार करनी चाहिए जहां फ्लाई ऐश का अवैज्ञानिक तरीके से निपटान किया गया है और कोयला की मात्रा के बारे में आंकड़े तैयार करना चाहिए, जिन्हें उद्योगों में इस्तेमाल किया गया है और जो थर्मल बिजली संयंत्र के लिए उपलब्ध है।
पीठ ने कहा, स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास, रायगढ़ से धर्मजयगढ़ और पूंजीपात्रा से मिलूपारा तक आवश्यक सड़क निर्माण, कोयला खदानों में फ्लाई ऐश का निपटान और फ्लाई ऐश के वैज्ञानिक उपयोग के लिए राज्य स्तरीय समिति के गठन के लिए तेजी से कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ऐसे कदम निश्चित तौर पर जरूरी हैं।