राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने भारतीय सेना को उत्तराखंड के रायवाला से उसका आयुध कचरा हटाने के निर्देश दिए हैं। यह कचरा चिला-मोतीचुर हाथी गलियारे के पुनर्रुद्धार में बाधा खड़ी कर रहा है। उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने इस मामले में एक रिपोर्ट पेश कर कहा था कि सही स्थान की तलाश चल रही है और सेना प्रशासन अंतिम निर्णय लेगा।
इसके बाद एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपना आदेश दिया। पीठ ने कहा कि सेना के संबंधित अधिकारी आयुध कचरे को सही स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए तेजी से निर्णय लें ताकि हाथी गलियारे को बहाल किया जा सके।
एनजीटी एक एनजीओ की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिका में कहा गया था कि आयुध कचरा हाथी गलियारे की पारिस्थितिकी, जैव-विविधता और वन्यजीवों को प्रभावित कर रहा है। याचिकाकर्ता ने कहा, हाल ही में रायवाला में लोहे की बाड़ के संपर्क में आने से एक मादा तेंदुआ की मौत हो गई थी।