राजनीति में आने की अटकलों को कई बार खारिज कर चुके तमिलनाडु के सुपरस्टार रजनीकांत आने वाले हफ्ते में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक रजनीकांत के करीबी सूत्रों ने शनिवार को कहा, 'बीजेपी ने रजनीकांत की प्रधानमंत्री से इस हफ्ते मुलाकात के लिए संपर्क किया। लेकिन अभी इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया।'
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प्रधानमंत्री और अभिनेता के बीच अच्छे रिश्तों का हवाला देते हुए सूत्रों ने कहा कि यह बैठक आने वाले महीनों में रजनीकांत के राजनीतिक संगठन के लॉन्च की अपेक्षित घोषणा के संबंध में जरूरी कदमों और फैसले पर चर्चा करने के लिए हो सकती है।
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हालांकि, राज्य बीजेपी ने इस पर आधिकारिक टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उन्हेंने कहा कि वे इस तरह के किसी फैसले के बारे में नहीं जानते। तमिलनाडु के वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि एआईडीएमके में गुटबाजी जल्द ही खत्म हो जाएगी और दोनों पार्टियां साथ मिलकर काम कर सकेंगी।
रजनीकांत भारत-पाक के संविधान में फर्क नहीं बता सकते :सुब्रमण्यम स्वामी
सुब्रमण्यम स्वामी
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साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत ने हाल ही में राजनीति में आने के संकेत दिए थे। हाल ही में खबर जोरों पर थी कि वे भाजपा से जुड़ सकते हैं। हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यन स्वामी के बयान के अनुसार उनकी इन कोशिशों को करारा झटका लग सकता है। स्वामी ने रजनीकांत को जाहिल और पागल करार दिया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठन विश्व संवाद केंद्र के नारद जयंती समारोह में शिरकत करने के लिए आए स्वामी ने कई मसलों पर अपनी राय रखी। पत्रकारों ने बातचीत के दौरान स्वामी से फिल्म स्टार रजनीकांत के राजनीति में आने की अटकलों पर सवाल किया। जवाब में उन्होंने रजनीकांत को पागल और जाहिल करार दे दिया। उन्होंने कहा, "रजनीकांत महामूर्ख हैं, अनपढ़ हैं। यदि भारत और पाकिस्तान का संविधान सामने रखोगे तो उसे पता नहीं चलेगा कि कौन सा किस देश का है।"
उन्होंने कहा कि अनपढ़ रजनीकांत को ही सब राजनीति में लाने की जुगत में लगे हैं। इसके अलावा स्वामी ने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) का नाम बदलने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि JNU का नाम बदलकर सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर जेएनयू में कश्मीर की स्वतंत्रता के नारे लगते हैं।
आगरा के सरस्वती शिशु मंदिर में शनिवार को हुए कार्यक्रम में चीफ गेस्ट स्वामी ने कहा कि पहला काम राम मंदिर का निर्माण है, इसके बाद धारा 370 को देखा जाएगा। राम मंदिर 2018 तक बन जाएगा। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में रहने वाले सभी लोगों का डीएनए एक है। स्वामी ने कांग्रेस को भी खूब खरी-खोटी सुनाई और तीन तलाक पर बैन की खुलकर वकालत की।