संघ प्रमुख मोहन भागवत और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा।
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा की तीन दिवसीय समन्वय समिति की तीन दिवसीय बैठक पांच जनवरी से अहमदाबाद में होगी। बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत, संघ के अन्य वरिष्ठ नेता और संघ के सभी अनुषांगिक 36 संगठनों के प्रतिनिधि, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और सरकार के कई मंत्री शिरकत करेंगे। इस बैठक में बाकी बचे हिंदुत्ववादी एजेंडे के साथ-साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा होगी।
भावी रणनीति तय करने के लिए हर साल इस समिति की बैठक होती है। ऐसी बैठकों में संघ विभिन्न मुद्दों पर सरकार की राय और तैयारी की जानकारी लेता है। इसके अलावा अपनी और अनुषांगिक संगठनों के सुझाव से सरकार को अवगत कराता है। खास बात यह है कि यह बैठक वर्चुअल नहीं होगी।
हिंदुत्ववादी एजेंडे पर कार्ययोजना
इस बैठक में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर, राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर, धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता सहित हिंदुत्व से जुड़े दूसरे सभी एजेंडे पर चर्चा होगी। भाजपा और सरकार के मंत्री इन मुद्दों पर सरकार की भावी योजना से संघ परिवार को अवगत कराएगा। वहीं, संघ सरकार को अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बताएगा। गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 और राम मंदिर मामले के हल के बाद संघ मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अन्य सभी एजेंडों को मूर्त रूप देना चाहता है। संघ की इच्छा है कि सरकार नए साल में समान नागरिक संहिता और धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करे।
विहिप उठा सकता है मथुरा-काशी का मुद्दा
राम मंदिर निर्माण मामले की बाधा दूर होने के बाद संघ ने सार्वजनिक रूप से काशी और मथुरा विवाद से दूरी बना ली थी। हालांकि, इस बीच विहिप ने इन मुद्दों पर कई बार आगे बढ़ने का संकेत दिया है। विहिप के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, संगठन सरकार और भाजपा के समक्ष इन दोनों मुद्दों को उठाएगा।