पश्चिमी एशिया संकट के चलते ऊर्जा क्षेत्र में आई परेशानियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना शुरू कर दिया है। इसके तहत पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहन यानी ई-रिक्शा, ई-कार्ट आदि के लिए सब्सिडी की समय सीमा 31 मार्च, 2028 तक बढ़ा दी गई है। इसी तरह, पंजीकृत दुपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए के लिए सब्सिडी की आखिरी तिथि 31 जुलाई, 2026 की गई है।
भारी उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव हनीफ कुरैशी ने अंतर मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और अपनाने को बढ़ावा दे रही है। यह केवल ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत तिपहिया रिक्शा के लिए सब्सिडी मार्च 2026 तक थी, अब इसे दो साल बढ़ाकर मार्च 2028 तक कर दिया गया है। इसी तरह इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए लिए सब्सिडी 31 जुलाई तक कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण आपूर्ति शृंखला में आई समस्याओं को देखते हुए ट्रकों और बसों के लिए चरणबद्ध निर्माण कार्यक्रम दिशानिर्देशों में छह महीने की छूट दी गई है।
राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए 17 अप्रैल को चुनाव कराया जाएगा। सत्तारूढ़ एनडीए इस पद के लिए हरिवंश को फिर उम्मीदवार बना सकता है। हरिवंश का 9 अप्रैल को कार्यकाल खत्म होने के बाद से ही उपसभापति का पद रिक्त है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 10 अप्रैल को हरिवंश को उच्च सदन के लिए मनोनीत किया। सदन के नेता जेपी नड्डा ने हरिवंश को फिर से उपसभापति चुने जाने के मुद्दे पर विभिन्न दलों के नेताओं से चर्चा की है।
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के छह निवासियों ने मतदाता सूची से नाम हटने के बाद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आवेदन भेजकर मौत की गुहार लगाई है। इन लोगों को एसआईआर में नाम काटे जाने के बाद डिटेंशन सेंटर में भेजे जाने का डर सता रहा है। राष्ट्रपति से आवेदन करने वाले ये लोग आरामबाग इलाके के निवासी हैं। इन लोगों ने आरामबाग के एसडीओ, जो चुनाव अधिकारी भी हैं, के माध्यम से राष्ट्रपति को आवेदन भेजा।
अधिकारी के अनुसार, आवेदकों में एक सेवानिवृत्त सरकारी स्कूल शिक्षिका भी शामिल हैं। सभी लोग एसडीओ कार्यालय पहुंचे और अपने दावों के समर्थन में दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा किया। उन्होंने बताया कि सभी छह लोग आरामबाग नगर पालिका के वार्ड नंबर 6 के निवासी हैं, जहां कथित तौर पर कुल 206 नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। आवेदकों में ताइबुन्नेसा बेगम भी शामिल हैं, जिन्होंने लगभग 20 वर्षों तक गोघाट के गोचार भगवती गर्ल्स स्कूल की प्रधानाध्यापिका के रूप में सेवाएं दी हैं।
उन्होंने दावा किया कि पेंशन दस्तावेजों और पासपोर्ट सहित सभी आधिकारिक कागजात होने के बावजूद उनका नाम सूची से हटा दिया गया। एसडीओ कार्यालय के बाहर ताइबुन्नेसा ने कहा, 'हमने स्वेच्छा से मृत्यु की अनुमति के लिए आवेदन किया है, क्योंकि हम अब यह पीड़ा सहन नहीं कर सकते।' ताइबुन्नेसा ने आशंका जताई कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद नाम हटाए जाने के चलते उन्हें डिटेंशन कैंप में भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा, 'हिरासत में जाने से बेहतर है कि हम मृत्यु की मांग करें।'