समूचा विपक्ष संसद के मानसून सत्र की रणनीति को लेकर 16 जुलाई को 10 जनपथ में सोनिया गांधी के आवास पर अहम बैठक करेगा। कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी के आवास पर होने वाली इस बैठक को लेकर कहा जा रहा है कि मानसून सत्र के लिए विपक्ष को एक बैनर तले लाकर कांग्रेस का मकसद संयुक्त विपक्ष के साथ सरकार को घेरना और सरकार की दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत हासिल करने की मंशा पर ब्रेक लगाना है। सत्र के दौरान केंद्र को पेपर लीक, ई-20 यानी इथेनॉल मिश्रण और चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर घेरने की तैयारी है। इसके लिए पार्टी ने द्रमुक को मनाने की कवायद भी तेज कर दी है। खुद प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी के साथ मिलकर इसके लिए मोर्चा संभाला है।
बेटियों को नौकरी दिलाने में कर्नाटक लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा निलंबित
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकार को निलंबित कर दिया है। साहूकार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी दो बेटियों का औद्योगिक विस्तार अधिकारी के पद पर अवैध तरीके से चयन कराने में मदद की। गहलोत ने राष्ट्रपति से सिफारिश की है कि इस मामले की जांच के लिए इसे संविधान के अनुच्छेद 317(1) के तहत सुप्रीम कोर्ट को भेजा जाए। राज्यपाल ने निर्देश दिया कि आयोग के सबसे वरिष्ठ सदस्य अगले आदेश तक केपीएससी के चेयरमैन का काम संभालें। राज्यपाल सचिवालय के अनुसार, साहूकार के खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं, जिनके आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। आरोप है कि साहूकार की एक बेटी ने परिवार की वार्षिक आय केवल 40 हजार बताकर आय और जाति प्रमाणपत्र हासिल किया। इसके आधार पर उसने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण और क्रीमी लेयर से छूट का लाभ लिया।
दहेज प्रताड़ना से तंग महिला ने दो बेटों की हत्या के बाद दी जान
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले में दहेज प्रताड़ना से जुड़ा एक मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, 26 वर्षीय नक्का भारती ने पहले अपने दो मासूम बेटों को कथित तौर पर जहर देकर और उनका मुंह दबाकर मार डाला। इसके बाद उसने गांव विथमराजुपल्ली स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। तीनों के शव मिलने पर उनके मुंह से झाग निकलता पाया गया, जिससे जहर दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने घटना के पीछे दहेज प्रताड़ना को कारण माना है। वहीं, पुलिस भारती के पति की भूमिका की भी जांच कर रही है कि इन मौतों में उसका कोई हाथ था या नहीं। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) और धारा 80(2) (दहेज मृत्यु) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
फैसला अपने पक्ष में कराने के लिए कोर्ट में किया तंत्र-मंत्र, महिला गिरफ्तार
कर्नाटक के एक अदालत परिसर में कथित तौर पर काला जादू करने के आरोप में 65 वर्षीय महिला मंजुला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, महिला एक दीवानी विवाद से जुड़े मामले की सुनवाई के लिए समय से पहले अदालत पहुंची थी। आरोप है कि सुनवाई शुरू होने से पहले उसने जज की कुर्सी पर सफेद सरसों के दाने छिड़के। यह पूरी घटना कोर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि महिला ने अपने पक्ष में फैसला आने की उम्मीद में यह कथित तांत्रिक कृत्य किया। कोर्ट के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की शिकायत पर महिला के खिलाफ कर्नाटक अमानवीय कुप्रथाओं और काला जादू निवारण अधिनियम, 2017 के तहत मामला दर्ज किया गया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।
ऑरोविले की मानवीय विकास पर आधारित शिक्षा प्रणाली सराहनीय
सांसदों की एक उच्च स्तरीय स्थायी समिति ने मंगलवार को ऑरोविले का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य ऑरोविले के आध्यात्मिक, शारीरिक और बौद्धिक पहलुओं को करीब से समझना था। संसदीय दल ने ऑरोविले की अनूठी और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की जमकर तारीफ की। सांसदों ने कहा कि पारंपरिक परीक्षा और रटने वाली शिक्षा के बजाय यहां बच्चों के चरित्र निर्माण और उनकी सीखने की चेतना को जगाने पर ध्यान दिया जा रहा है, जो कि बेहद सराहनीय है।
सांसदों ने ऑरोविले के आध्यात्मिक हृदय मातृमंदिर के इनर चैंबर में साधना की। प्राचीन भारतीय युद्ध कला कलारीपयट्टू के प्रशिक्षण केंद्र का दौरा किया। किशोरों के लिए बने अनूठे अंतिम स्कूल में सांसदों ने शिक्षकों और छात्रों से बात की। यहां का पाठ्यक्रम पारंपरिक परीक्षाओं के बजाय बच्चे के समग्र विकास पर आधारित है। यहां छात्र खुद अपनी चुनौतियां तय करते हैं। एक सांसद ने कहा, आप अच्छे इंसान बना रहे हैं। एक बार जब कोई अच्छा इंसान बन जाता है, तो वह अपने रास्ते खुद चुन सकता है। सरकार को भी इस बेहतरीन शिक्षण पद्धति को पूरे देश में अपनाने पर विचार करना चाहिए।
रक्षा मंत्री ने दिल्ली से 13 दिवसीय शौर्य विजय यात्रा को दिखाई हरी झंडी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह भारत का स्थायी संकल्प है कि उसकी भूमि और अस्मिता पर उठने वाली हर नजर का का जवाब पूरी शक्ति से दिया जाएगा। राजनाथ ने कहा कि 1999 का कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन विजय केवल सैन्य जीत नहीं था, बल्कि साहस, धैर्य, अनुशासन और अदम्य राष्ट्रभक्ति का ऐसा अध्याय था, जिसे दुनिया की सेनाएं आज भी सम्मान के साथ अध्ययन करती हैं।
रक्षा मंत्री ने मंगलवार को दिल्ली में राष्ट्रीय समर स्मारक से 13 दिवसीय शौर्य विजय यात्रा मोटर साइकिल अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान में सेवारत व सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों और उनके परिवारों सहित 28 राइडर शामिल हैं। यह दल 13 दिनों में हिमालय के दुर्गम रास्तों से होते हुए 1,900 किलोमीटर की दूरी तय करेगा और 26 जुलाई को कारगिल युद्ध स्मारक, द्रास पहुंचेगा। इस दौरान राजनाथ ने कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडेय, सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव (सेवानिवृत्त) और सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार (सेवानिवृत्त) सहित सभी वीर सैनिकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि उनका साहस देश के युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
शहीदों की स्मृति में अर्पित होगी पवित्र मिट्टी
शौर्य विजय यात्रा की एक मुख्य विशेषता यह है कि राइडर्स अपने साथ राष्ट्रीय समर स्मारक की पवित्र मिट्टी का कलश लेकर जा रहे हैं, जिसे कारगिल में शहीदों की स्मृति में अर्पित किया जाएगा। यात्रा मार्ग में यह दल चंडीमंदिर, रेजांग ला और लेह युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेगा और वीर नारियों को सम्मानित करेगा। इस समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और एनसीसी कैडेट्स सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।