कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह यात्रियों ने विरोध प्रदर्शन किया। चेन्नई जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ्लाइट में तकनीकी खराबी के कारण करीब छह घंटे की देरी के चलते यात्री भड़क गए। एयरपोर्ट के एक अधिकारी के मुताबिक, फ्लाइट को बुधवार सुबह 6:30 बजे कोलकाता से चेन्नई के लिए उड़ान भरनी थी और इसमें करीब 170 यात्री सवार थे।
क्या है पूरा मामला?
यात्रियों को बोर्डिंग पास पहले ही जारी कर दिए गए थे। हालांकि, विमान के उड़ान भरने से पहले ही उसमें एक तकनीकी खराबी का पता चला। यात्री परेशान हो गए क्योंकि उन्हें इस बात की कोई साफ जानकारी नहीं मिल रही थी कि फ्लाइट कब उड़ान भरेगी और वे कई घंटों तक इंतजार करते रहे। करीब छह घंटे की देरी और यात्रियों के विरोध-प्रदर्शन के बाद आखिरकार दोपहर 12 बजे फ्लाइट ने उड़ान भरी।
यात्रियों का आरोप था कि बोर्डिंग पास जारी होने के बावजूद उन्हें तकनीकी खराबी के बारे में समय पर जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब वे कई घंटों तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे, तो अधिकारियों ने न तो उन्हें सही मदद दी और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की। इसके बाद यात्रियों ने एयरपोर्ट परिसर में विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण फ्लाइट तय समय पर उड़ान नहीं भर सकी। उन्होंने कहा कि कम समय में किसी दूसरी फ्लाइट का इंतजाम करना मुमकिन नहीं था। प्रभावित फ्लाइट के उड़ान भरने की घोषणा सुबह 11:30 बजे के बाद की गई। हालांकि, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने तकनीकी खराबी की प्रकृति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
इस घटना ने, यात्रियों के मन में फ्लाइट की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी। कुछ यात्रियों ने कहा कि इतनी लंबी देरी की वजह से उनके तय कार्यक्रम बिगड़ गए। यह घटना एयर इंडिया की फ्लाइट एआई 2379 के साथ हुई घटना के कुछ दिनों बाद हुई है। 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही इस फ्लाइट की ऊंचाई में अचानक करीब 300 फीट की कमी आ गई थी। एयरबस ए320 में 137 यात्री (जिनमें तीन बच्चे शामिल थे) और आठ क्रू मेंबर (दो पायलट और छह केबिन क्रू) सवार थे।
विमान के दिल्ली में सुरक्षित उतरने के बाद, दोनों पायलटों की साइकोएक्टिव पदार्थों के लिए अनिवार्य जांच की गई। इस घटना में 20 यात्री और चार केबिन क्रू मेंबर घायल हो गए थे, जिनमें से 17 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
पश्चिम बंगाल पुलिस की एसटीएफ टीम ने राज्य से एक पाकिस्तानी नागरिक को पकड़ा है। आरोपी की पहचान राना रऊफ के रूप में हुई है, जो पाकिस्तान के फैसलाबाद का रहने वाला है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस पाकिस्तानी नागरिक के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं दी है। आशंका है कि वह पाकिस्तानी घुसपैठिया हो सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
गुरुवायुर मंदिर में 23 अगस्त को 400 से ज्यादा शादियों की संभावना
केरल के प्रसिद्ध गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर में 23 अगस्त को होने वाली शादियों की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष तैयारियां की गई हैं। शुभ मलयालम महीने ‘चिंगम’ के पहले रविवार के लिए अब तक 377 शादियां बुक हो चुकी हैं और बुकिंग जारी रहने के कारण यह संख्या 400 के पार पहुंचने की संभावना है। वहीं, 30 अगस्त के लिए भी 295 शादियां तय हैं। गुरुवायुर देवस्वोम के चेयरमैन ए.वी. गोपीनाथ के अनुसार, दर्शन और विवाह रस्मों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए 23 और 30 अगस्त को शादियां सुबह 4 बजे से शुरू की जाएंगी। इसके लिए छह विवाह मंडप तैयार किए जाएंगे तथा अतिरिक्त कर्मचारियों, मंगलवाद्यम टीमों, सुरक्षाकर्मियों और पुलिस की तैनाती की जाएगी। भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विवाह मंडप के पास दूल्हा-दुल्हन के साथ फोटोग्राफरों समेत अधिकतम 24 लोगों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। देवस्वोम ने श्रद्धालुओं और विवाह में शामिल लोगों से व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। गौरतलब है कि 8 सितंबर 2025 को गुरुवायुर मंदिर में रिकॉर्ड 334 शादियां संपन्न हुई थीं।
ओडिशा में अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़
राउरकेला में ओडिशा पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़ कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, 6 अगस्त को उदित नगर थाने में दर्ज शिकायत के बाद राउरकेला निवासी ज्योतिष प्रसाद वर्मा उर्फ तिलक महतो को गिरफ्तार किया गया, जो मोमो का कारोबार करता था और ठगी से हासिल रकम को आगे ट्रांसफर करता था। उसकी पूछताछ के आधार पर झारखंड के देवघर जिले से गिरोह के चार अन्य सदस्यों विकास कुमार मांझी, प्रदीप कुमार, सूरज कुमार और मनीष कुमार यादव को पकड़ा गया। राउरकेला के एसपी नितेश वाधवानी ने बताया कि आरोपी PM-Kisan Yojana जैसी सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जी और दुर्भावनापूर्ण APK फाइल भेजकर लोगों को झांसे में लेते थे और उनके मोबाइल फोन व वित्तीय जानकारी तक पहुंच हासिल करते थे। इसके बाद UPI खातों, ATM से जुड़ी जानकारी और मर्चेंट QR कोड का इस्तेमाल कर पीड़ितों के खातों से रकम ट्रांसफर की जाती थी। पुलिस ने अब तक गिरोह से जुड़े 3.5 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का पता लगाया है, जबकि आरोपियों के बैंक खातों में 47 लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं। आरोपियों के पास से 24,900 रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन, पांच ATM कार्ड और एक SUV भी बरामद हुई है। देशभर में आरोपियों के खिलाफ 31 शिकायतें और FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, उनकी भूमिका, रकम के लेनदेन और अंतिम लाभार्थियों की पहचान करने के साथ अपराध से अर्जित अन्य रकम की बरामदगी के लिए जांच आगे बढ़ा रही है।
निर्माणाधीन इमारत की 32वीं मंजिल पर क्रेन से लटका मिला 22 वर्षीय युवक
अहमदाबाद के एसजी हाईवे के पास एक निर्माणाधीन रिहायशी टावर की 32वीं मंजिल पर बुधवार सुबह 22 वर्षीय युवक प्रीतम सिंह का शव क्रेन से लटका मिला। पुलिस के अनुसार, झारखंड का रहने वाला प्रीतम पिछले कई वर्षों से निर्माण स्थल पर क्रेन ऑपरेटर के रूप में काम कर रहा था। सोला पुलिस थाने के इंस्पेक्टर के. एन. भुकन ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि प्रीतम ने रात के दौरान क्रेन से फंदा लगाकर जान दे दी। सुबह अन्य मजदूरों ने उसका शव लटका देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि प्रथमदृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है, लेकिन युवक ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं है। प्रोजेक्ट इंजीनियर दर्शल जोशी के मुताबिक, उन्हें सुबह एक मजदूर के फोन से घटना की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि प्रीतम का भाई पुलिस के संपर्क में है और उसने पारिवारिक विवाद से जुड़े तनाव की आशंका जताई है। पुलिस परिवार के सदस्यों और सहकर्मियों के बयान दर्ज कर रही है। मामले में आकस्मिक मौत का केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
98 की उम्र में महाभारत का नया पाठ
98 वर्ष की उम्र में प्रख्यात मलयालम साहित्य आलोचक और शिक्षाविद् डॉ. एम. लीलावती ने अपनी नई पुस्तक ‘भारतलोकम’ के माध्यम से महाभारत के पात्रों और प्रसंगों को अपने विशिष्ट दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया है। पुस्तक का विमोचन बुधवार को त्रिक्काकरा स्थित उनके आवास पर मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने किया। इस अवसर पर मत्स्य पालन मंत्री वी. ई. अब्दुल गफूर, विधायक उमा थॉमस, कलामस्सेरी नगरपालिका अध्यक्ष जमाल मनक्काडन और साहित्य आलोचक एन. ई. सुधीर मौजूद रहे। सतीशन ने कहा कि उनके जैसे उस पीढ़ी के व्यक्ति के लिए, जिसने छात्र जीवन से लीलावती की रचनाएं पढ़ीं और याद कीं, उनकी नई पुस्तक का विमोचन करना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि 98 वर्ष की उम्र में महाभारत के पात्रों और प्रसंगों को स्मृति में रखते हुए उनका अपने दृष्टिकोण से विश्लेषण करना दुर्लभ उपलब्धि है। सतीशन ने बताया कि भारतीय भाषाओं, विशेषकर मलयालम में महाभारत पर कई रचनाएं हुई हैं, लेकिन इसके पात्रों और प्रसंगों का गहन विश्लेषण अपेक्षाकृत कम हुआ है। उन्होंने पी. के. बालकृष्णन और कुट्टिकृष्ण मारार के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि लीलावती की पुस्तक का दृष्टिकोण उनसे अलग और विशिष्ट है।