अनुपम सिंह गहलोत बने अहमदाबाद के नए पुलिस कमिश्नर
गुजरात सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुपम सिंह गहलोत को अहमदाबाद शहर का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। गहलोत 1997 बैच के गुजरात कैडर के अधिकारी हैं। वह अभी तक सूरत शहर के पुलिस कमिश्नर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। राज्य के गृह विभाग ने बुधवार रात इस नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी। अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर का पद पिछले महीने से खाली था। पूर्व कमिश्नर जीएस मलिक को 6 जून को गुजरात का पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बनाया गया था। तब से इस महत्वपूर्ण पद पर नई नियुक्ति का इंतजार था। अनुपम सिंह गहलोत की नियुक्ति के बाद अब सूरत के नए पुलिस कमिश्नर के नाम की घोषणा भी जल्द होने की उम्मीद है।
निरंजन पटनायक की आत्मकथा में ओडिशा की राजनीति के खुलासे
कांग्रेस के दिग्गज नेता निरंजन पटनायक की आत्मकथा 'समय साखी' (समय, गवाह) का बुधवार को विमोचन हुआ। इस किताब में उन्होंने ओडिशा की राजनीति में अपने दशकों लंबे सफर और अनुभवों को साझा किया है। पटनायक ने राज्य में कांग्रेस के कमजोर होने और सत्ता से बाहर होने के कारणों पर भी विस्तार से लिखा है। किताब में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जेबी पटनायक के कार्यकाल की चर्चा की है। लेखक के अनुसार, जेबी पटनायक एक विद्वान नेता थे, लेकिन एक विवादित वकील के साथ उनके करीबी रिश्तों ने उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाया। निरंजन पटनायक ने लिखा कि उन्होंने जेबी पटनायक को उस विवाद से दूर रहने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी। किताब में नवीन पटनायक के राजनीतिक उदय और कांग्रेस की चुनौतियों पर भी रोशनी डाली गई है।
तेलंगाना में पुलिस पर हमला करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार
तेलंगाना के नलगोंडा जिले में पुलिस ने दो अंतरराज्यीय चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की एक विशेष टीम ने हैदराबाद के आउटर रिंग रोड पर घेराबंदी की थी। जब पुलिस ने आरोपियों की गाड़ी को रोकने की कोशिश की, तो मुख्य आरोपी श्रीकांत ने एक कांस्टेबल पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। पुलिस ने चेतावनी देने के लिए हवा में फायरिंग की, लेकिन हमला जारी रहने पर पुलिस ने श्रीकांत के पैर में गोली मार दी। आरोपी श्रीकांत पर पहले से 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसने कबूल किया है कि जेल से छूटने के बाद उसने 40 और चोरियां की थीं। पुलिस ने उसके साथी जितेंद्र को भी पकड़ लिया है। श्रीकांत एक कांस्टेबल की हत्या के मामले में भी वांछित था। नलगोंडा के पुलिस अधीक्षक ने अपनी जान जोखिम में डालकर अपराधियों को पकड़ने वाली टीम के लिए इनाम की घोषणा की है।
तेलंगाना में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को समय पर मिला वेतन
तेलंगाना सरकार ने आउटसोर्सिंग और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को महीने की पहली तारीख को ही वेतन दे दिया है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि इन कर्मचारियों के वेतन में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री को जानकारी मिली थी कि देरी से वेतन मिलने के कारण कर्मचारियों को काफी परेशानी होती है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद प्रशासन ने वेतन से जुड़ी कागजी कार्रवाई महीने के आखिरी दिन से पहले ही पूरी कर ली थी। इसके परिणामस्वरूप 1 जुलाई को सभी कर्मचारियों के बैंक खातों में पैसे पहुंच गए। रेवंत रेड्डी ने पिछली सरकार की इस बात के लिए आलोचना की थी कि वे कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं देते थे। अब नई व्यवस्था से हजारों कर्मचारियों को राहत मिली है।
बंगलूरू में पुलिस पर हमला करने वाला हत्या का आरोपी घायल
बंगलूरू पुलिस ने हत्या के एक आरोपी महादेव को पैर में गोली मार दी। पुलिस उसे एक हत्या के मामले में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद करने के लिए ले गई थी। वहां आरोपी ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया और पत्थर फेंके। उसने एक पुलिस अधिकारी को धक्का देकर छिपाकर रखा हुआ हथियार उठा लिया। आत्मरक्षा में पुलिस ने फायरिंग की, जिससे आरोपी के पैर में चोट आई है।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड आरोपी महादेव पर पहले से हत्या और हत्या के प्रयास सहित 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह 27 जून को हुई एक व्यक्ति की हत्या के मामले में गिरफ्तार चार लोगों में शामिल था। इस घटना में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि यह गिरोह चेन स्नैचिंग और लूटपाट की वारदातों में भी शामिल रहा है। आरोपी का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
फार्मासिस्ट बनने के लिए देना होगा राष्ट्रीय एग्जिट टेस्ट, सरकार ला रही नया कानून
फार्मासिस्ट बनने की प्रक्रिया में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार ने नेशनल फार्मेसी कमीशन (एनपीसी) बिल, 2026 का संशोधित मसौदा जारी कर दिया है। प्रस्तावित कानून के तहत 1948 के फार्मेसी एक्ट को खत्म कर उसकी जगह नेशनल फार्मेसी कमीशन बनाया जाएगा। सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि फार्मेसी की पढ़ाई पूरी करने के बाद सीधे प्रैक्टिस नहीं की जा सकेगी। फार्मासिस्ट बनने के लिए राष्ट्रीय एग्जिट टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि पहले जारी मसौदे पर मिले सुझावों की समीक्षा कर संशोधित मसौदा तैयार किया गया है। अब इस पर 31 जुलाई तक लोगों से दोबारा सुझाव मांगे गए हैं। इसके बाद अंतिम विधेयक तैयार होगा। अब तक फार्मेसी एक्ट, 1948 के तहत बी. फार्मा या डिप्लोमा इन फार्मेसी के बाद राज्य फार्मेसी परिषद में पंजीकरण कराकर फार्मासिस्ट के रूप में काम किया जा सकता था। हालांकि प्रस्तावित कानून लागू होने के बाद नेशनल एग्जिट टेस्ट (फार्मेसी) पास करने पर ही फार्मासिस्ट के रूप में पंजीकरण मिलेगा। यही परीक्षा पीजी फार्मेसी में दाखिले का आधार भी होगी।
एलपीजी की कमी और मशीनों में खराबी से ट्रेन के पहियों का उत्पादन प्रभावित
रेल मंत्रालय ने मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए फोर्ज्ड पहियों का आयात बढ़ा दिया है। इसकी वजह उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित फोर्ज्ड व्हील प्लांट (एफडब्ल्यूपी) में एलपीजी की कमी और अहम मशीनों के खराब होने से उत्पादन पर पड़ा गंभीर असर है। एफडब्ल्यूपी उच्च शक्ति और हल्के वजन वाले पहिये होते हैं। इस मुद्दे पर हालिया ही रेलवे बोर्ड और तीन पहिया बनाने वाली फैक्टरी रेल व्हील फैक्टरी (बंगलूरू), रेल व्हील प्लांट (बेला), फोर्ज्ड व्हील प्लांट (रायबरेली), सेल के दुर्गापुर स्टील प्लांट और मेटल एंड स्टील फैक्ट्री, ईशापुर के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। अधिकारियों ने बताया कि रायबरेली में उत्पादन प्रभावित होने से एलएचबी कोचों में इस्तेमाल होने वाले फोर्ज्ड पहियों की उपलब्धता घट गई। आपूर्ति की कमी पूरी करने के लिए रेलवे ने आयात बढ़ाया है।
अधिकारियों के मुताबिक, रामकृष्ण फोर्जिंग्स लिमिटेड से दीर्घकालिक व्हील समझौते के तहत अगस्त 2026 से अतिरिक्त आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में तीनों रेलवे इकाइयों को 51,685 पहिए और 22,000 व्हीलसेट बनाने का लक्ष्य दिया गया है। मालगाड़ियों के लिए कास्ट व्हील बंगलरू और बेला में बनते हैं, जबकि एलएचबी कोच, वंदे भारत ट्रेनों और कुछ लोकोमोटिव के लिए फोर्ज्ड व्हील रायबरेली और सेल के दुर्गापुर स्टील प्लांट में तैयार किए जाते हैं। एक्सल की आपूर्ति ईशापुर की मेटल एंड स्टील फैक्टरी करती है। भारतीय रेलवे 1960 के दशक से ब्रिटेन, चेक गणराज्य, ब्राजील, रोमानिया, जापान, चीन, यूक्रेन और रूस सहित कई देशों से फोर्ज्ड पहियों का आयात करता रहा है। घरेलू उत्पादन बढ़ने के बावजूद रेलवे अभी भी पूरी मांग पूरी नहीं कर पा रहा है।
सेवानिवृत्त जज बाग ने दिया बंगाल एसआईआर न्यायाधिकरण से इस्तीफा
पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) न्यायाधिकरण से सेवानिवृत्त जज रंजीत कुमार बाग ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि बाग न्यायाधिकरण से हटने वाले दूसरे सेवानिवृत्त जज हैं। उनसे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम ने इस्तीफा दिया था। बाग कुछ समय से बीमार चल रहे हैं और उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से न्यायाधिकरण से हटने का फैसला किया है।
सोमनाथ घोष मलयेशिया में उच्चायुक्त नियुक्त
राजनयिक सोमनाथ घोष को मलयेशिया में भारत का अगला उच्चायुक्त नियुक्त किया गया है। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। घोष 1997 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी हैं। मंत्रालय ने बताया कि शिकागो स्थित महावाणिज्य दूतावास में महावाणिज्य दूत सोमनाथ घोष को मलयेशिया में भारत का अगला उच्चायुक्त नियुक्त किया गया है।
गुजरात में हर बच्चे का हेल्थ पासपोर्ट 18 साल तक का रहेगा स्वास्थ्य रिकॉर्ड
गुजरात सरकार ने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और समय पर इलाज सुनिश्चित करने के लिए राज्य में जन्म से 18 वर्ष तक के हर बच्चे का हेल्थ पासपोर्ट बनाने की शुरुआत की है। इस योजना के तहत हर बच्चे की जन्म से लेकर 18 वर्ष की आयु तक की पूरी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एक ही दस्तावेज में दर्ज रहेगी। इस राज्यव्यापी कार्यक्रम का शुभारंभ 27 जून को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की मौजूदगी में किया था।
स्कूल स्वास्थ्य-राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (एसएच-आरबीएसके) के तहत राज्य में हर साल करीब 1.89 करोड़ बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जाती है। इसके लिए 992 मोबाइल स्वास्थ्य टीमें आंगनवाड़ी, स्कूल, मदरसा, गुरुकुल और विशेष विद्यालयों में जाकर जांच करेंगी और वहीं बच्चों को हेल्थ पासपोर्ट उपलब्ध कराएंगी। इसके लिए अभिभावकों को कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा नहीं करना होगा। हेल्थ पासपोर्ट में बच्चे की बुनियादी जानकारी के साथ जन्म से 18 वर्ष तक की स्वास्थ्य जांच का पूरा रिकॉर्ड दर्ज रहेगा।
इसमें जन्मजात दोष, बीमारियां, कुपोषण तथा शारीरिक या मानसिक विकास में देरी जैसी चार प्रमुख श्रेणियों (4डी) की जानकारी भी होगी। साथ ही पोषण की स्थिति, इलाज के लिए रेफरल, स्वास्थ्य संबंधी सलाह, जीवनशैली से जुड़े सुझाव व आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी इसमें शामिल रहेंगे।
निर्मला सीतारमण फ्रांस में कई उद्यमियों व निवेशकों के साथ करेंगी बैठकें
न्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण फ्रांस की चार दिवसीय यात्रा में भारत–फ्रांस आर्थिक एवं वित्तीय संवाद बैठक में शामिल होंगी। इसमें फ्रांस के वित्त तथा औद्योगिक मंत्री रोलां लेस्क्यूर शामिल होंगे। इस दौरान दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की नई संभावनाओं पर विचार-विमर्श होगा। भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा होगी।
निर्मला सीतारमण बुधवार को फ्रांस रवाना हो गईं। उनकी यात्रा का उद्देश्य भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाना, आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना तथा निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहित करना है। वित्तमंत्री यूरोप के प्रमुख वार्षिक मंचों में से एक रोंकोंत्र एकोनोमिक द'ऐक्स-आँ-प्रोवांस में भी शामिल होंगी।
आय से अधिक संपत्ति मामले में तृणमूल नेता देवराज गिरफ्तार
तृणमूल कांग्रेस नेता और बिधाननगर के पूर्व मेयर-इन-काउंसिल सदस्य देवराज चक्रवर्ती को पुलिस ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में की गई है। देवराज को तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है। पुलिस के अनुसार देवराज को पुरुलिया सदर थाना क्षेत्र से पकड़ा गया। उन्हें बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। बीजेपी विधायक तरुणज्योति तिवारी की शिकायत पर देवराज और उनकी पत्नी व पूर्व विधायक अदिति मुंशी के खिलाफ जांच शुरू हुई थी। उन पर संपत्तियों के अवैध ट्रांसफर और रंगदारी के आरोप हैं।
एनर्जी ड्रिंक धोखा, पीने से नहीं मिलती ताकत छह कंपनियों को नोटिस
खाद्य नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने भ्रामक दावे कर एनर्जी ड्रिंक बेचने वाली छह कंपनियों को नोटिस जारी किया है। एफएसएसएआई ने कहा कि भारत में एनर्जी ड्रिंक नाम से किसी भी खाद्य उत्पाद के लिए कोई आधिकारिक मानक जारी नहीं किया गया है। ऐसे में कंपनियां उत्पादों पर एनर्जी ड्रिंक लिखकर या इस तरह के दावे कर उपभोक्ताओं को भ्रमित नहीं कर सकतीं। एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंर्डड एक्ट, 2006 और उससे जुड़े नियमों के तहत खाद्य उत्पादों पर- ऊर्जा बढ़ाता है, दिमाग को सक्रिय करता है, शरीर को एनर्जी देता है, कमजोरी दूर करता है, जैसे दावे करने की अनुमति नहीं है। दरअसल, देश में रेड बुल, स्टिंग, मॉन्स्टर, हेल, कैंपा एनर्जी ड्रिंक और एड्रेनालिन रश (पेप्सिको) के नाम से ड्रिंक बेच रहीं कंपनियां अपने पेय पदार्थों को एनर्जी ड्रिंक के रूप में प्रचारित कर रही थीं।
ई-कॉमर्स वेबसाइटों, विज्ञापनों और उत्पादों की पैकेजिंग पर इन्हें ऐसे पेश किया जा रहा था, जैसे ये वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित ऊर्जा बढ़ाने वाले पेय हों। कई उत्पादों पर बूस्ट एनर्जी, इनहैंसिंग फोकस, स्टीमूलेट्स माइंड एंड बॉडी, शरीर और मन को स्फूर्ति देने जैसे दावे भी किए जा रहे थे। प्राधिकरण का कहना है कि खाद्य उत्पादों पर इस तरह के चिकित्सीय दावे करना कानून के अनुरूप नहीं है।
मासूमों को वॉशिंग मशीन में डाला, जेट स्प्रे से मुंह पर पानी, पांच महिलाओं पर केस
ब्रुकफील्ड स्थित आईटी कंपनी कैपजेमिनी के परिसर में बने डे-केयर सेंटर में मासूमों से हैवानियत का मामला सामने आया है। डे-केयर की महिला कर्मचारियों ने क्रूरता की हदें पार करते हुए दो-तीन साल के बच्चों को फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन के अंदर डाल दिया। उन्हें वेस्टर्न स्टाइल टॉयलेट पर बैठाया, टॉयलेट के जेट स्प्रे से उनके मुंह में पानी डाला। इतना ही नहीं, मासूमों को बाथरूम में बंद कर दिया और चुप रहने के लिए धमकाया। हैवानियत का वीडियो सामने आने के बाद पांच महिला कर्मियों पर केस दर्ज किया है।
पुलिस ने बताया, यह डे-केयर सेंटर उन कर्मचारियों के बच्चों के लिए है, जो काम के दौरान अपने छोटे बच्चों को यहां छोड़ते हैं। मामला तब सामने आया, जब बच्चों से दुर्व्यवहार के वीडियो व्हाट्सएप पर साझा किए गए। पुलिस के अनुसार, वीडियो में बच्चे रोते नजर आए। उनकी देखभाल करने वाली महिलाएं उन्हें शारीरिक प्रताड़ना दे रही थीं। बच्चे रोते थे या शोर करते थे, तो उन्हें डराया-धमकाया जाता था। चाइल्ड हेल्पलाइन की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने बताया, पांच महिला कर्मियों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम से जुड़ीं धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उनसे पूछताछ जारी है। वीडियो की प्रामाणिकता की भी जांच हो रही है।
महाराष्ट्र: गर्भवती महिला की मौत, लापरवाही बरतने पर डॉक्टर निलंबित
महाराष्ट्र के नवी मुंबई नगर निगम ने बृहस्पतिवार को नगर निकाय अस्पताल की एक वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर को निलंबित कर दिया। डॉक्टर के खिलाफ यह कार्रवाई आठ महीने की गर्भवती महिला सोनम डोंगरे की मौत को लेकर की गई। डॉक्टर पर लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सोनम को ऐरोली के राजमाता जीजाऊ नगर निगम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सोनम की मौत के बाद डॉ के खिलाफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की स्थानीय इकाई ने आयुक्त कार्यालय के अंदर विरोध-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि सोनम की मौत गलत इंजेक्शन लगाने की वजह से हुई। इसके बाद महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम और महाराष्ट्र सिविल सेवा नियमों के तहत नगर आयुक्त के आदेशानुसार, महिला डॉक्टर मामले को संभालने में प्रथम दृष्टया लापरवाह पाई गईं और उन्हें निलंबित कर दिया गया।
केंद्र ने वीबी-जी-राम जी अधिनियम के तहत तीन नियमों को किया अधिसूचित
केंद्र सरकार ने वीबी-जी राम जी अधिनियम के तहत तीन अलग-अलग नियमों को अधिसूचित किया है। इन नियमों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से नए रोजगार गारंटी ढांचे में बदलाव, मजदूरी और बेरोजगारी भत्ते के भुगतान, तथा केंद्र की तय मानक आवंटन सीमा से अधिक खर्च से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से एक जुलाई की अलग-अलग अधिसूचनाओं के माध्यम से ये नियम जारी किए गए थे और ये प्रकाशन की तारीख से ही लागू हो गए हैं। इनके मसौदे मई में जारी किए गए थे और सरकार ने इस पर सुझाव भी आमंत्रित किए थे।
तेलंगाना में लागू हुआ वीबी जी-राम-जी कानून, सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय
तेलंगाना मंत्रिमंडल ने गुरुवार को मनरेगा की जगह लागू की गई नई ग्रामीण रोजगार योजना वीबी-जी राम जी को लागू करने का फैसला किया है। साथ ही राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए इस कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का भी निर्णय लिया।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने पत्रकारों से कहा, केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों, श्रमिकों और अन्य पक्षों की आपत्तियों के बावजूद एकतरफा तरीके से वीबी-जी राम जी अधिनियम लागू किया है। उन्होंने कहा, मंत्रिमंडल ने योजना को स्वीकार करते हुए भी राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का फैसला किया है।
विकसित भारत- रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 पूरे देश में 1 जुलाई से लागू हो गया है। इसके तहत ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिनों का मजदूरी वाला रोजगार मिलेगा। जबकि योजना पर होने वाले खर्च का 40 फीसदी हिस्सा राज्य सरकारों को उठाना होगा।