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News Updates: गुजरात के वलसाड में रेलवे डॉक के गोदाम में लगी आग; कर्नाटक सरकार ने रद्द किया RSS का कार्यक्रम

Wed, 25 Mar 2026 12:56 AM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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आज की बड़ी खबरें। - फोटो : अमर उजाला
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गुजरात के वलसाड में मंगलवार की देर रात रेलवे डॉक में आग लग गई। न्यूज एजेंसी एनआई की रिपोर्ट के मुताबिक वलसाड में रेलवे डॉक पर स्थित एक बिजली के केबल गोदाम में भीषण आग लग गई। आग को बुझाने के लिए दमकल गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं। आग लगने के बाद रेलवे डॉक पर अफरातफरी का माहौल बन गया था। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि बिजली के तारों से भरे गोदाम में ये आग लगी है। फिलहाल ये अग्निकांड क्यों हुआ, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
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कर्नाटक सरकार ने एक विश्वविद्यालय में दीनदयाल उपाध्याय पर आरएसएस के कार्यक्रम को किया रद्द
कर्नाटक सरकार ने मंगलवार को प्रोटोकॉल और दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का हवाला देते हुए मैसूरु स्थित केएसओयू में आरएसएस विचारक दीनदयाल उपाध्याय पर प्रस्तावित तीन दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला को रद्द कर दिया। यह फैसला विश्वविद्यालय की उस योजना की जांच के बाद लिया गया है जिसमें सरकार को पूर्व सूचना दिए बिना 25 से 27 मार्च तक कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई थी। विश्वविद्यालय के नाम, लोगो और आधिकारिक भागीदारी के बावजूद कार्यक्रम को एक निजी कार्यक्रम बताने के उसके दावे की भी जांच की गई थी।
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अब मात्र 7 दिन में तैयार किया जा सकता है बूस्टर रॉकेट इंजन

चेन्नई स्थित स्टार्टअप अग्निकुल कॉस्मॉस ने अपने अग्नाइट बूस्टर इंजन का सफल परीक्षण किया है। यह दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल पीस 3डी प्रिंटेट रॉकेट इंजन है, जो उत्पादन की जटिलता और मिशनों के लिए लगने वाले समय को कम कर सकता है।

आमतौर पर एक रॉकेट इंजन को बनाने के लिए हजारों छोटे-छोटे हिस्सों को आपस में जोड़ा और वेल्ड किया जाता है। लेकिन अग्नाइट को इंकोनेल (एक उच्च तापमान सहने वाला सुपरअलॉय) का उपयोग करके पूरी तरह से एक ही टुकड़े में 3डी प्रिंट किया गया है। इसमें न कोई जोड़ है और न ही कोई वेल्डिंग। पारंपरिक तरीके से एक बूस्टर इंजन बनाने में छह से सात महीने लगते हैं। लेकिन 3डी मदद से अब यह इंजन मात्र सात दिनों में तैयार किया जा सकता है। इससे इंजन निर्माण के समय की बहुत बचत होगी।

अग्निकुल कॉसमॉस के सह-संस्थापक और सीईओ श्रीनाथ रविचंद्रन ने कहा, एक मीटर ऊंचा एग्नाइट यह साबित करता है कि 3डी-प्रिंटिंग अब केवल छोटे घटकों तक सीमित नहीं है। यह यह भी दर्शाता है कि बड़े 3डी-प्रिंटेड घटक रॉकेट इंजन के कठोर, उच्च तापमान वाले वातावरण में कार्य कर सकते हैं। परिणामस्वरूप, यह सफलता हमें अन्य बड़े रॉकेट घटकों की 3डी-प्रिंटिंग पर विचार करने की अनुमति देती है। बूस्टर इंजन आमतौर पर रॉकेट के पहले चरण से जुड़े होते हैं और ऊपरी चरण को एक निश्चित बिंदु तक उठाने के लिए अतिरिक्त बल प्रदान करते हैं।
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