जुनागढ़ कोर्ट और राजकोट कलेक्टर कार्यालय में बम की धमकी झूठी निकली
जूनागढ़ जिले की अदालत और राजकोट कलेक्टर कार्यालय को सोमवार को मिली बम धमकी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस जांच के बाद यह धमकी झूठी निकली, और किसी भी स्थान पर संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
जूनागढ़ शहर के उप पुलिस अधीक्षक हितेश दांधलिया ने बताया कि जिला अदालत के रजिस्ट्रार को ईमेल के जरिए सूचना मिली कि भवन में तीन बम 2:10 बजे फटेंगे। इसके बाद अदालत के रजिस्ट्रार की सूचना पर पुलिस, डॉग स्क्वाड और बम निष्कासन दल मौके पर पहुंचे और पूरी जगह की तलाशी ली। हालांकि, किसी भी तरह का संदिग्ध सामान नहीं मिला।
पुलिस ने कहा कि अब ईमेल भेजने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी प्रकार, राजकोट के कलेक्टर कार्यालय को भी बम धमकी का ईमेल मिला था। पुलिस ने तलाशी लेने के बाद पुष्टि की कि यह धमकी भी झूठी थी।
मनरेगा मजदूरों की महापंचायत ने राष्ट्रपति से की VB-G RAM G कानून वापस लेने की मांग
कर्नाटक में मनरेगा (MGNREGA) से जुड़े हजारों ग्रामीण मजदूरों की महापंचायत ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से VB-G RAM G अधिनियम को वापस लेने और यूपीए दौर की रोजगार गारंटी योजना को तत्काल बहाल करने की मांग की है।
मनरेगा प्रोटेक्शन कोएलिशन–कर्नाटक की ओर से राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया कि 2 फरवरी 2026 को राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए 10 हजार से अधिक ग्रामीण श्रमिक जिनमें महिलाएं, दलित, भूमिहीन मजदूर और छोटे किसान शामिल थे बंगलूरूके फ्रीडम पार्क में एकत्र हुए। महापंचायत ने कहा कि मनरेगा का मूल उद्देश्य गांव में रोजगार उपलब्ध कराना, न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करना और जल-संरक्षण जैसे कार्यों के जरिए भविष्य में रोजगार के अवसर पैदा करना था। लेकिन बीते वर्षों में केंद्र सरकार की नीतियों के कारण इस कानून को कमजोर किया गया है, जिससे मजदूरी भुगतान में देरी और जॉब कार्ड हटाए जाने जैसी समस्याएं बढ़ी हैं।
RBI अधिनियम की दूसरी अनुसूची में शामिल हुआ असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक- सीएम हिमंत
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक (ACAB) को भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम की दूसरी अनुसूची में शामिल किया जाना राज्य में जमीनी स्तर पर वित्तीय समावेशन के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कदम से बैंक को ‘अनुसूचित बैंक’ का दर्जा मिला है, जिससे उसकी कार्यक्षमता बढ़ेगी, तरलता प्रबंधन मजबूत होगा और आम लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा। अनुसूचित बैंक बनने के बाद ACAB को आरबीआई से पुनर्वित्त सुविधा सहित कई अहम लाभ मिलेंगे, जिससे बैंकिंग सेवाओं की पहुंच और विश्वसनीयता में सुधार होगा।