भारतीय वायु सेना (आईएएफ) शनिवार और रविवार को गुवाहाटी में पूर्वोत्तर क्षेत्र का पहला पूर्ण एयर शो आयोजित करेगी। इसमें राफेल, सुखोई, अपाचे और आईएल-78 रिफ्यूलर जैसे 75 लड़ाकू विमान हैरतअंगेज करतब दिखाएंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को शामिल होंगे। रक्षा पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने कहा कि आयोजन का मकसद युवाओं को प्रेरित करना और राष्ट्र सेवा की भावना को बढ़ावा देना है।
नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक का 97 वर्ष की उम्र में निधन
नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक जेम्स वॉटसन का 97 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। अमेरिका के कोल्ड स्प्रिंग हार्बर लेबोरेटरी (सीएसएचएल) के पूर्व अध्यक्ष रहे वॉटसन के निधन पर तिरुवनंतपुरम स्थित राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी (आरजीसीबी) के वैज्ञानिकों ने गहरा शोक व्यक्त किया।
आरजीसीबी के निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) डॉ. टीआर संतोष कुमार ने अपने शोक संदेश में कहा कि जेम्स वॉटसन ने डीएनए की संरचना को समझकर विज्ञान में ऐतिहासिक खोज की, जिसने 20वीं सदी के अंत में बायोटेक्नोलॉजी क्रांति की नींव रखी। उन्होंने बताया कि वॉटसन जनवरी 1999 में आरजीसीबी आए थे और वहां शिक्षकों व छात्रों के साथ बातचीत की थी। उन्होंने डीएनए की संरचना के प्रभाव और जैविक सूचना के आदान-प्रदान के महत्व पर सार्वजनिक व्याख्यान भी दिया था।
डीएनए की डबल हेलिक्स संरचना की खोज के सह-आविष्कारक जेम्स वॉटसन ने 1953 में विज्ञान की दुनिया में क्रांति ला दी थी। उनकी इस खोज ने न सिर्फ चिकित्सा, बल्कि अपराध जांच, वंशावली और नैतिक विज्ञान जैसे क्षेत्रों में भी नई राह खोली।
ओडिशा में बालकनी गिरने से बाप-बेटे और पोते की मौत, 3 घायल
ओडिशा के कटक शहर में मणि साहू छक इलाके में शनिवार को एक पुराने अपार्टमेंट की बालकनी अचानक ढह गई और पास के एक मकान पर जा गिरी। इस हादसे में बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई। तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
घर की महिला ने बताया, अपार्टमेंट की बालकनी हमारे घर पर गिरी, जिसमें मेरे पति, बेटे और पोते की मौत हो गई। मृतकों की पहचान अब्दुल जलील (60), अब्दुल जाहिद (30) और अब्दुल मुजाहिद (5) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच-पड़ताल चल रही है। लोगों का कहना है कि नगर निगम ने इस बिल्डिंग को पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया था, लेकिन इसे खाली नहीं कराया गया।
कानूनी सहायता को और सुलभ बनाया जाना चाहिए: जस्टिस सूर्यकांत
सुप्रीम कोर्ट के जस जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि कानूनी सहायता को और सुलभ बनाया जाना चाहिए और तकनीक के इस्तेमाल में स्थानीय ज्ञान, भाषा की समझ और मानवीय संवेदना को प्राथमिकता देनी चाहिए। नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में उन्होंने कहा कि किसी भी न्याय प्रणाली की असली कसौटी यह नहीं है कि वह जटिल मामलों को कितनी जल्दी निपटाती है, बल्कि यह है कि वह आम नागरिकों के जीवन को कितनी गहराई से प्रभावित करती है।
उन्होंने कहा कि हमें कानूनी मदद को आसानी से उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक सुधारों और मानवीय दृष्टिकोण की जरूरत है। ऑनलाइन क्लिनिक, डिजिटल शिकायत पोर्टल और ऑनलाइन सुलह केंद्र जैसी तकनीक मददगार हो सकते हैं, लेकिन तकनीक अकेले पर्याप्त नहीं होगी, उसे मानवीय संवेदना से जोड़ा जाना जरूरी है।
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि लाखों लोगों को सुलह मंचों के जरिए लंबी मुकदमेबाजी से राहत मिली है, कई लोगों को निशुल्क प्रतिनिधित्व मिला है, हजारों को मुआवजा मिला और अनेक विवादों का समाधान मध्यस्थता से हुआ है। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े नहीं, बल्कि उन लोगों की कहानियां हैं जिनकी समस्याओं को व्यावहारिक समाधान मिला। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में कानूनी सहायता आंदोलन ने अपनी पहुंच को और गहराई तक बढ़ाया है, जिससे न्याय आम नागरिक के जीवन तक सीधे पहुंच रहा है।
केंद्र ने शिराडी घाट सुरंग संपर्क परियोजना की जांच के लिए बनाई संयुक्त विशेषज्ञ समिति
केंद्र ने मंगलूरू और बंगलूरू के बीच सड़क और रेल संपर्क परियोजना की जांच के लिए एक संयुक्त विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। इसमें प्रस्तावित शिरडी घाट सुरंग मार्ग भी शामिल है। दक्षिण कन्नड़ सांसद कैप्टन बृजेश चौटा ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि समिति में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और भारतीय रेलवे के विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह समिति तकनीकी व्यवहार्यता, पर्यावरण प्रभाव, निर्माण संबंधी चुनौतियां और लागत आवश्यकताओं सहित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगी।
दुनिया जैन शाकाहार की जीवनशैली को मान्यता दे रही है: उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शनिवार को कहा कि जैन धर्म की शाकाहारी जीवनशैली अब पूरी दुनिया में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के आदर्श रूप में पहचानी जा रही है। राधाकृष्णन ने बताया कि उन्होंने भी करीब दो दशक पहले मांसाहार छोड़कर शाकाहार अपनाया था। दिल्ली में जैन आचार्य हंसरत्न सुरिश्वर के 8वें 180 उपवास पारणा समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि जैन संतों द्वारा प्रचारित अहिंसा ही विश्व शांति का रास्ता है।
उन्होंने कहा, जानवरों के प्रति करुणा, अहिंसा और टिकाऊ जीवनशैली पर आधारित जैनों का शाकाहारी जीवन अब पूरे विश्व में पर्यावरणीय जिम्मेदारी का प्रतीक माना जा रहा है। राधाकृष्णन ने बताया कि वह पहले मांसाहारी भोजन के शौकीन थे, लेकिन 2000 में काशी की यात्रा के बाद मांसाहार छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि गंगा में पवित्र स्नान से पहले कुछ ऐसा त्याग करने की परंपरा है, जिसे व्यक्ति सबसे ज्यादा पसंद करता है और उसी भावना से उन्होंने मांसाहार त्याग दिया।
उन्होंने कहा, जब आप मांसाहारी भोजन करते हैं तो मानसिक स्थिति अलग होती है, लेकिन जब आप शाकाहारी भोजन करते हैं तो आपका मन पूरी तरह बदल जाता है। यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव है। उपराष्ट्रपति ने आगे कहा, मुझमें से आक्रामकता खत्म हो गई, धैर्य आ गया और अहंकार भी चला गया। उपवास की शक्ति के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि वह यह जानकर चकित रह गए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवरात्र के सभी नौ दिन उपवास रखते हैं।
तेलंगाना: चेवेल्ला बस दुर्घटना में घायल से मिलीं के. कविता
तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष कल्वाकुंतला कविता ने शुक्रवार को चेवेल्ला स्थित पीएमआर अस्पताल में इलाज करा रहे चेवेल्ला बस दुर्घटना के पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने घायलों को दिए जा रहे उपचार के बारे में जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों को पीड़ितों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए।
कविता ने विकाराबाद जिले के यालाला मंडल के पर्कम्पल्ली गांव की तीन बहनों, साई प्रिया, नंदिनी और तनुषा के माता-पिता येल्लय्या गौड़ और अंबिका से भी मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी, जिनकी इस दुखद बस दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।