श्रीलंका में जाफना स्थित निजी विश्वविद्यालय नॉर्दर्न यूनिवर्सिटी के छात्रों और चेन्नई स्थित अंतरिक्ष स्टार्टअप स्पेसकिड्ज इंडिया ने मिलकर एक संचार उपग्रह विकसित किया है। इसके अगले साल अंतरिक्ष एजेंसी इसरो द्वारा लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। अधिकारियों ने कहा कि नॉर्दर्न विश्वविद्यालय के संस्थापक-अध्यक्ष इंदिरा कुमार पद्मनाथन ने एक कार्यक्रम में स्पेसकिड्ज इंडिया के संस्थापक-सीईओ श्रीमथी केसन के साथ दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया। पद्मनाथन ने कहा कि उपग्रह अंतरिक्ष वातावरण का अध्ययन करने और अत्याधुनिक संचार प्रौद्योगिकियों के उपकरणों को अंतरिक्ष में ले जाएगा। यह परियोजना पहली छात्र-नेतृत्व वाली उपग्रह परियोजना और जाफना के सरकारी स्कूल के छात्रों को भी पहचान देगी।
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मेघालय पुलिस ने 17 बांग्लादेशी घुसपैठियों को किया गिरफ्तार
मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले में पुलिस 17 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी हॉलिडेगंज से फुलबारी की ओर जा रहे थे। अधिकारियों ने नियमित जांच के दौरान उन्हें रोका और पूछताछ की। जांच के दौरान ये लोग भारत में दाखिल होने के वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाए। इसके बाद इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।
मरीज के लिए मृत्यु चुनने का अधिकार, केंद्र का बेहतर प्रयास
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में असाध्य रूप से बीमार मरीजों में जीवन रक्षक प्रणाली हटाने के दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों को पूरे भारत के लगभग 25 डॉक्टरों द्वारा संयुक्त विचार-विमर्श कर बनाया गया है। किसी भी मरीज के लिए मृत्यु चुनने का अधिकार होना चाहिए। यह सक्रिय या निष्क्रिय इच्छा मृत्यु से जुड़ा नहीं है। इसका मतलब यह है कि जो असाध्य रूप से बीमार मरीज हैं और उन पर इलाज भी बेअसर है, उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली से मुक्त किया जा सकता है।
नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के कैंसर विभाग की प्रमुख डॉ. सुषमा भटनागर ने सरकार के उस फैसले को बेहतर बताया है, जिसके तहत हाल ही में असाध्य मरीजों के लिए जीवन रक्षक प्रणाली वापस लेने के निर्देश जारी किए गए। उन्होंने कहा लगभग 25 डॉक्टर इसमें शामिल थे। इसमें कई बैठकें और विचार-विमर्श हुआ तथा पूरे भारत से डॉक्टर इसमें शामिल हुए। यह भारत सरकार का एक स्वागत योग्य कदम है।
मुंबई : हिजबुल्ला प्रमुख की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन, 30 पर केस
मुंबई पुलिस ने हिजबुल्ला प्रमुख हसन नसरल्ला की मौत के बाद शहर के गोवंडी इलाके में मोमबत्ती जुलूस निकालने के आरोप में 30 लोगों पर मामला दर्ज किया है। अधिकारी ने बताया कि पुलिस उपायुक्त (संचालन) के निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए लोगों ने मंगलवार शाम को इमामबाड़ा और बैंगनवाड़ी इलाके के बीच विरोध मार्च निकाला। पुलिस को व्हाट्सएप पर विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो भी मिला है।
प्रधानमंत्री मोदी ने रांची में गेल के सीबीजी प्लांट का किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान भवन में टेली कान्फ्रेंसिंग के जरिये रांची में गेल इंडिया लिमिटेड के कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) संयंत्र का उद्घाटन किया। सीबीजी संयंत्र केंद्र को ठोस कचरे के कार्बनिक अंश को कंप्रेस्ड बायो गैस में तब्दील करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी प्रसंस्करण क्षमता 150 टन प्रति दिन (टीपीडी) और उत्पादन क्षमता 5 टीपीडी है। इसके निर्माण में कुल 26 करोड़ रुपये की लागत आई है।
गेल के सीबीजी प्लांट का उद्देश्य सालाना लगभग 4,950 टन कार्बन डाई॔ऑक्साइड उत्सर्जन में कमी लाना और पर्यावरण व सतत विकास लक्ष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका अदा करना है। इसके अलावा परियोजना से प्रति वर्ष लगभग 2,171,052 मानक घन मीटर (एससीएम) प्राकृतिक गैस को तब्दील करने और लगभग 8,40,093 डॉलर (लगभग 7 करोड़ रुपये) की सालाना बचत होने की उम्मीद है।
हैदराबाद में हसन नसरल्ला की याद में निकाला गया कैंडल मार्च
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में हिजबुल्ला चीफ हसन नसरल्ला के सम्मान में कैंडल मार्च निकाला गया। यह कैंडल मार्च अंजुमन ए मासुमीन नामक संगठन ने आोजित किया था। इस कैंडल मार्च कार्यक्रम में हैदराबाद में ईरान के महावाणिज्यदूत महदी शाहरोखी भी शामिल हुए। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए ईरान के महावाणिज्यदूत ने कहा कि 'आज रात हैदराबाद में, हम अपने प्रिय नेता हसन नसरल्लाह की याद में इकट्ठा हुए, जिनकी हत्या इस्राइली सेना द्वारा की गई थी। हसन नसरल्ला कोई राजनीतिक नेता नहीं थे बल्कि वे प्रतिरोध के प्रतीक थे। ईरानी नेतृत्व ने लंबे समय तक आत्म-संयम दिखाया। इस्राइलियों ने कई ईरानी वैज्ञानिकों, जनरलों, व्यक्तियों और नेताओं की हत्या की और लेकिन ईरानियों ने शांतिपूर्ण तरीके से फलस्तीनियों और लेबनानी लोगों का समर्थन करने की कोशिश की।'
ओडिशा: मंदिर के सेवादारों ने प्रसाद में मिलावटी घी के इस्तेमाल का लगाया आरोप
ओडिशा के केंद्रापाड़ा जिले में प्रसिद्ध श्री बालादेवजू मंदिर के सेवादारों ने शुक्रवार को 300 साल पुराने मंदिर में प्रसाद और भोग तैयार करने के लिए मिलावटी घी के इस्तेमाल का आरोप लगाया। मंदिर के एक पुजारी शरत पत्री ने मंदिर की रसोई में मिलावटी घी के डिब्ब देखे थे। उन्होंने इस मुद्दे को मंदिर प्रबंध समिति के समक्ष उठाया। मंदिर अधिकारियों ने हाल ही में नवरात्रि के दौरान मंदिर का भोग तैयार करने के लिए सरकारी डेयरी ओमफेड घी के 6 टिन खरीदे। लेकिन रसोइयों को घी में दुर्गंध महसूस हुई और उसका स्वाद खट्टा मिला। मंदिर के अन्य पुजारियों ने भी घी की शुद्धता पर संदेह जताया।
बालादेवज्यू मंदिर प्रबंध समिति के कार्यकारी अधिकारी बलभद्र पत्री ने कहा, ओएमएफईडी ने मंदिर में घटिया घी की आपूर्ति की है। केंद्रापाड़ा की ओमफेड शाखा कार्यालय को सभी पांच घी के टिन लौटा दिए गए।