ओडिशा में आईपीएस अधिकारियों का बड़ा फेरबदल
ओडिशा सरकार ने शुक्रवार को आईपीएस कैडर में बड़ा फेरबदल किया, जिसमें 26 अधिकारियों के विभागों में बदलाव किया गया है। भुवनेश्वर और कटक के लिए नए पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) की नियुक्ति की गई है। भुवनेश्वर के डीसीपी पिनाका मिश्रा की जगह कटक के डीसीपी जगमोहन मीना को नियुक्त किया गया। 2011 बैच के अधिकारी पिनाका मिश्रा को अब भुवनेश्वर की एसटीएफ (विशेष कार्य बल) में डीआईजी बनाया गया है। 2013 बैच के अधिकारी ऋषिकेश ज्ञानदेव को कटक के नए डीसीपी के रूप में नियुक्त किया गया है। वह पहले बोलनगीर के पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत थे। 2002 बैच के आईपीएस अधिकारी नरसिंह भोल को भुवनेश्वर और कटक के लिए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। भोल इससे पहले ओडिशा के आबकारी आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। भोल ने भुवनेश्वर-कटक के मौजूदा अतिरिक्त पुलिस आयुक्त उमाशंकर दाश की जगह ली है। 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी दाश को स्थानांतरित कर डीआईजी, होम गार्ड और फायर सर्विसेज के पद पर तैनात किया गया है।
तमिलनाडु सरकार ने मयिलादुथुराई जिले के डीएम एपी महाभारती का तबादला कर दिया है। एपी महाभारती के विवादित बयान के चलते यह कार्रवाई हुई है। दरअसल एपी महाभारती ने एक तीन साल की बच्ची के यौन शोषण के मामले में कहा था कि पीड़िता ने ही आरोपी को उकसाया होगा। जिलाधिकारी के इस बयान पर काफी हंगामा हुआ, जिसके बाद सरकार ने एपी महाभारती का तबादला कर दिया और उनकी जगह एच एस श्रीकांत को नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।
केरल के कोझिकोड में बीती 27 फरवरी को स्कूल के बाहर हुए एक झगड़े में एक छात्र की मौत हो गई। छात्रों के आपसी झगड़े में पीड़ित छात्र को गंभीर चोटें आईं थी, जिसके बाद उसका इलाज चल रहा था। अब उसकी मौत हो गई है। इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही केरल के शिक्षा मंत्री ने भी घटना की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
टैरिफ के बढ़ते खतरे को सकारात्मक रूप में बदल सकते हैं: अरविंद पनगढ़िया
16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने शनिवार को कहा कि अगर भारत पारस्परिक टैरिफ में कटौती सुनिश्चित करने के लिए इसका लाभ उठा सकता है तो अमेरिका से पारस्परिक टैरिफ के बढ़ते खतरे को सकारात्मक में बदला जा सकता है। हालांकि, अगर इसके परिणामस्वरूप टैरिफ युद्ध होता है, जहां अमेरिका भारत पर टैरिफ लगाता है और भारत अपने टैरिफ के साथ जवाबी कार्रवाई करता है, तो इसका परिणाम दुर्भाग्यपूर्ण होगा। इससे किसी भी पक्ष को फायदा नहीं होगा। अमेरिका पहले ही स्टील और एल्यूमीनियम पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा कर चुका है। यह 12 मार्च से लागू होगा। भारत इन सामानों का निर्यात अमेरिका को भी करता है। 2018 में जब अमेरिका ने कुछ स्टील और एल्यूमीनियम सामानों पर शुल्क लगाया तो भारत ने 2019 में सेब सहित 29 अमेरिकी सामानों पर जवाबी शुल्क लगाया था। पनगढ़िया ने कहा, हमारा 1991 का आर्थिक उदारीकरण हमें अधिक प्रतिस्पर्धी बनाता है। हमें अधिक कुशल बनने के लिए मजबूर करता है और उस प्रक्रिया में, यदि हम पारस्परिक टैरिफ सौदेबाजी करते हैं, तो हम अमेरिकी बाजार तक बेहतर पहुंच भी प्राप्त कर सकते हैं। कपड़ा और कपड़े जैसे क्षेत्रों को अमेरिका में अधिक बाजार पहुंच मिल सकती है।