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Updates: झारखंड में मुहर्रम जुलूस में लहराए फलस्तीनी झंडे; तेलंगाना में झील में डूबने से तीन लोगों की मौत

Thu, 18 Jul 2024 06:12 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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न्यूज अपडेट - फोटो : Amar Ujala
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झारखंड के दुमका जिले में बुधवार को मुरर्रम जुलूस के दौरान कुछ युवकों ने कथित तौर पर फलस्तीनी झंडे लहराए। झंडे लहराने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वीडियो में युवक दुधानी चौक पर एक वाहन पर झंडे लहराते और नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं। दुमका के उपमंडल पुलिस अधिकारी विजय कुमार महतो ने बताया, 'ये वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किए जा रहे हैं। हम इन वीडियो की जांच कर रहे हैं। अगर ये वास्तविक हैं तो हम कार्रवाई करेंगे।' ऐसा ही एक वीडियो बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक्स पर शेयर किया और ऐसे 'तालिबानी मानसिकता' वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

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तेलंगाना में झील में डूबने से तीन लोगों की मौत
तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में एक झील में डूबने से दो पुरुषों और एक 12 वर्षीय लड़की की मौत हो गई है। पुलिस के अनुसार, यह घटना बुधवार को अतामाकुर पुलिस थाना क्षेत्र के बोप्पाराम गांव के बाहरी इलाके में हुई। मृतक गांव में एक जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने के लिए आए थे। मृतकों की पहचान खम्मम के एक बिल्डर टिपरेड्डी श्रीपालरेड्डी (42), सॉफ्टेवयर इंजीनियर शावल्या राजू (45) निवासी नरसरावपेट, आंध्र प्रदेश और राजू की 12 वर्षीय बेटी शावल्या उषा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सूर्यापेट जिला अस्पताल में भेज दिया है।

कटक अस्पताल में हाउस सर्जन और नर्सों के बीच विवाद सुलझा
ओडिशा के कटक में एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के हाउस सर्जनों और नर्सों के बीच विवाद बुधवार शाम को सुलझा लिया गया, जिसके बाद सामान्य सेवाएं फिर से शुरू हो गईं। इससे पहले दिन में, अस्पताल में सेवाएं आंशिक रूप से बाधित हुईं, क्योंकि लगभग 250 हाउस सर्जनों ने नर्सिंग स्टाफ की कथित मनमानी के विरोध में अपने सामान्य कर्तव्यों का बहिष्कार किया। हाउस सर्जनों और नर्सों के संघों की दलीलें बाद में कटक नगर निगम (सीएमसी) के आयुक्त बिजय कुमार दाश की अध्यक्षता वाली एक समिति ने सुनीं। इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि एक विभागीय जांच की जाएगी और दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि वे अपने कर्तव्यों को फिर से शुरू करेंगे।

मुंबई सीमा शुल्क ने हवाई अड्डे पर 13 किलो सोना पकड़ा, सात यात्री गिरफ्तार
मुंबई सीमा शुल्क ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बीते पांच दिनों में प्रतिबंधित सामान के 24 मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में 13.24 किलोग्राम सोना, 10.33 करोड़ रुपये मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक्स सामान और 45 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा जब्त की है। वहीं, सात यात्रियों को गिरफ्तार भी किया है। ये मामले मुंबई सीमा शुल्क क्षेत्र-III द्वारा 10 जुलाई से 14 जुलाई के बीच पकड़े गए थे। गिरफ्तार किए गए लोगों में पांच भारतीय नागरिक थे, इनमें से दो दुबई, दो अबू धाबी और एक जेद्दा से यहां पहुंचे थे। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के दो भारतीय नागरिकों को सीआईएसएफ ने रोका और एआईयू को सौंप दिया। दोनों मोम में छिपाकर सोने की धूल लेकर आए थे, जिसका वजन 1,950 ग्राम था।

असम सरकार के खिलाफ तिवा छात्र संगठन ने आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की घोषणा की
ऑल तिवा स्टूडेंट्स यूनियन (एटीएसयू) ने बुधवार को असम सरकार द्वारा समुदाय के लोगों को कथित तौर पर वंचित किए जाने और उपेक्षा करने पर आंदोलन कार्यक्रमों की एक श्रृंखला की घोषणा की। एटीएसयू के अध्यक्ष चेनीराम मलंग ने कहा कि छात्र संगठन मध्य असम में रहने वाले तिवा लोगों और अन्य स्वदेशी समुदायों की बुनियादी समस्याओं को हल करने के लिए तीन दशकों से अधिक समय से काम कर रहा है। मलंग ने दावा किया कि तिवा काउंसिल का फंड मिचिंग और राभा काउंसिल की तुलना में 50 फीसदी कम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक जोनबील मेले की दो खुली बैठकों में वार्षिक आयोजन के लिए 50 बीघा (16.5 एकड़ से अधिक) भूमि आवंटित करने की घोषणा की थी। हालांकि, एक भी एकड़ जमीन दान नहीं की गई है। उन्होंने कहा, संघ 19 जुलाई को मोरीगांव शहर में तीन घंटे का धरना देगा। फिर एटीएसयू 27 अगस्त को सीएम के वादों को पूरा करने में विफलता के लिए विश्वासघात दिवस के रूप में विरोध प्रदर्शन करेगा। संघ दूसरे चरण में राजमार्ग नाकाबंदी, रेलवे नाकाबंदी, आर्थिक नाकाबंदी और मध्य असम बंद जैसे अपने अति लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रखेगा।

ईडी ने कर्नाटक के पूर्व मंत्री को हिरासत में लिया
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक के पूर्व मंत्री नागेंद्र की पत्नी को बंगलूरू में हिरासत में लिया। उन्हें बंगलूरू में ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में लाया गया। इससे पहले बंगलूरू की एक अदालत ने वाल्मीकि निगम घोटाले के सिलसिले में कर्नाटक के पूर्व मंत्री बी नागेंद्र को 18 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। 

ईडी ने करोड़ों रुपये के घोटाले मामले में नागेंद्र को गिरफ्तार किया था। ईडी ने कर्नाटक के पूर्व मंत्री को हिरासत में लेने के बाद वाल्मीकि विकास निगम में धन के गबन के मामले में कर्नाटक के पूर्व मंत्री बी नागेंद्र और विधायक बसनगौड़ा दद्दल से जुड़े कई स्थानों पर छापे मारे। राज्य सरकार को भाजपा के बढ़ते विरोध का सामना करना पड़ रहा है, जिसने निगम में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। हालांकि, राज्य सरकार ने इस हफ्ते की शुरुआत में किसी भी गलत काम से इन्कार किया था। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहा, कोई घोटाला नहीं है। सभी घोटाले भाजपा और उनके कार्यकाल में रचे गए हैं। भाजपा घोटालों की जनक है। अब हम सब कुछ साफ करने की कोशिश कर रहे हैं और वे इसे पचा नहीं पा रहे हैं क्योंकि उनके नाम सामने आ जाएंगे।

मुठभेड़ में तीन हमार उग्रवादी ढेर, तीन पुलिसकर्मी भी घायल
असम-मिजोरम सीमा पर भुबन पहाड़ियों में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में तीन हमार उग्रवादियों को मार गिराया। मारे गए तीन उग्रवादियों में दो असम के कछार जिले के थे, जबकि एक मणिपुर का था। मुठभेड़ में कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं हैं। घायलों को सिलचर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। 

पुलिस ने मंगलवार रात पूर्वी ढोलाई गंगानगर से तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया था। जिनकी संबद्धता अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। वे जिस ऑटोरिक्शा में सवार थे पुलिस ने उसमें से 2 एके-47 राइफल, एक पिस्तौल और अन्य हथियार जब्त किए। पुलिस की एक टीम अन्य विद्रोहियों की तलाश में आज सुबह तीनों को भाबन हिल्स इलाके में ले गई। इसी दौरान, पहाड़ियों में छिपे अन्य उग्रवादियों ने गोलीबारी की, जिसके बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। सूत्र के अनुसार, मुठभेड़ करीब एक घंटे तक चली, जिसमें तीन उग्रवादी मारे गए जबकि तीन पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए हैं और कछार पुलिस का वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- सुबह के ऑपरेशन में पुलिस ने 2 एके राइफल, 1 अन्य राइफल और 1 पिस्तौल भी बरामद की।
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डब्ल्यूएचओ-यूनिसेफ की शून्य खुराक रिपोर्ट त्रुटिपूर्ण
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और यूनिसेफ के राष्ट्रीय टीकाकरण कवरेज (डब्ल्यूयूईएनआईसी) की रिपोर्ट में भारत को नाइजीरिया के बाद नीचे से दूसरे स्थान पर रखे जाने पर आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि ये रिपोर्ट त्रुटिपूर्ण है, क्योंकि इसके आंकड़ों में भारत की जनसंख्या को ध्यान में नहीं रखा गया है। भारत की तुलना जिन देशों के साथ की गई है, उनके मुकाबले भारत की आबादी कई ज्यादा है। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि भले ही भारत में शून्य खुराक वाले बच्चों की संख्या दुनिया में दूसरे स्थान पर है, लेकिन यह देश की कुल आबादी का 0.11 फीसदी है, जो बताता है कि भारत शून्य खुराक वाले बच्चों की संख्या को कम करने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है। सूत्रों ने सोमवार को जारी जारी रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ध्यान देने लायक बात यह है कि 2021 की तुलना में भारत की रैंकिंग में सुधार आया है।
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