कर्नाटक के राज्यपाल ने ठेके में 4 फीसदी मुस्लिम आरक्षण बिल राष्ट्रपति को भेजा
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सरकारी ठेकों में मुसलमानों को चार प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए सुरक्षित रख लिया है।
राजभवन के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि गहलोत ने विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए आरक्षित कर दिया और इसे कर्नाटक के विधि एवं संसदीय कार्य विभाग को भेज दिया। अब राज्य सरकार इस विधेयक को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजेगी। भाजपा के विरोध के बावजूद कर्नाटक विधानमंडल के दोनों सदनों ने बिल पारित किया था।
भाजपा ने आरोप लगाया कि यह विधेयक अवैध है क्योंकि भारतीय संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण देने का कोई प्रावधान नहीं है। साथ ही आरोप लगाया कि इस विधेयक में सत्तारूढ़ कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति की बू आती है। पार्टी ने राज्य भर में चल रही अपनी जनआक्रोश यात्रा के दौरान इस विधेयक को प्रमुख मुद्दा बनाया है।
मध्य प्रदेश: नीमच में सीआरपीएफ स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को नीमच स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में होने वाले सीआरपीएफ के स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम सीआरपीएफ के 86वें स्थापना दिवस का हिस्सा है। हर साल 19 मार्च को सीआरपीएफ दिवस मनाया जाता है, क्योंकि 1950 में इसी दिन तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने बल को ध्वज प्रदान किया था। इस बार 17 अप्रैल को बल की परेड आयोजित की जा रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे।
आंध्र प्रदेश: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने वित्त आयोग से केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा बढ़ाने की मांग की
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के नेताओं ने बुधवार को आंध्र प्रदेश में 16वें वित्त आयोग के सदस्यों से मुलाकात की और राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए केंद्रीय करों में राज्य के हिस्से में वृद्धि की मांग की। पूर्व वित्त मंत्री बी. राजेंद्रनाथ रेड्डी ने कहा कि पार्टी ने राज्य के राजस्व हिस्सेदारी को 50 फीसदी से अधिक करने का सुझाव दिया है। उन्होंने बताया कि 15वें आयोग ने राज्य को 41 फीसदी हिस्सा दिया था।
असम पंचायत चुनाव में 348 सीटों पर निर्विरोध हुआ फैसला
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को दावा किया कि असम में पंचायत प्रणाली की कुल 348 सीटों पर निर्विरोध फैसला हुआ, जिनमें से 325 सीटें भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने जीतीं। त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली के लिए मतदान दो चरणों में 2 मई और 7 मई को होना है। सीएम सरमा ने कहा कि पंचायत चुनाव के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 18 अप्रैल है। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने एक चार्ट साझा करते हुए दावा किया, 'अब तक प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, एनडीए ने पहले ही 37 जिला परिषद (35 भाजपा और 2 एजीपी) और 288 आंचलिक पंचायत (259 भाजपा और 29 एजीपी) सीटें निर्विरोध जीत ली हैं।' उन्होंने जो चार्ट साझा किया है उसके अनुसार, निर्दलियों ने 15 आंचलिक परिषद सीटें निर्विरोध जीती हैं, कांग्रेस ने नौ और AIUDF ने एक सीट जीती है।
सीएम सरमा ने कहा, 'यह असम के राजनीतिक इतिहास में एक विशाल और अभूतपूर्व जनादेश है। यह एनडीए और हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति असम के लोगों के असीम विश्वास और अपार प्रेम को दर्शाता है'। उन्होंने कहा, 'हमें विश्वास है कि जब अंतिम चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे, तो यह संख्या और भी प्रभावशाली होगी। एनडीए असम में पंचायत चुनावों में जीत हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है'।
वहीं इस मामले में राज्य चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि निर्विरोध सीटों की संख्या शनिवार को जारी की जाएगी। पंचायत चुनावों के लिए मतों की गिनती 11 मई को होगी। ग्राम पंचायतों में कुल 21,920 सीटें, आंचलिक परिषदों में 2,192 सीटें और जिला परिषदों में 397 सीटें हैं। राज्य के 34 जिलों में से 27 में पंचायत चुनाव हो रहे हैं, जबकि शेष सात स्वायत्त परिषदों द्वारा शासित हैं। पंचायत चुनाव में कुल 1.80 करोड़ लोग मतदान करने के पात्र हैं।