वाराणसी के जिला जेल में शनिवार को दिनभर बवाल हुआ। अचानक भड़के कैदियों ने डिप्टी जेलर और जेल अधीक्षक को बंधक बनाकर जमकर पीटा। उनका सिर फोड़कर लहूलुहान कर दिया। जेल के अंदर से फायरिंग की आवाज भी आती रही। लगभग सात घंटे तक चले हाइवोल्टेज ड्रामे के बाद सीआरपीएफ और पीएसी ने दोनों अधिकारियों को जैसे तैसे छुड़ाया।
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जानकारी के अनुसार ये हिंसा तब हुई जब सुबह नौ बजे परेड हो रही थी। इसी दौरान अचानक बंदी नागा यादव से डिप्टी जेलर अजय यादव ने हाथापाई कर दी। इसके बाद बंदी रक्षकों ने कैदियों से मारपीट की तो कैदी भड़क गए। उन्होंने जेल को अपने कब्जे में लिया। कैदियों ने डिप्टी जेलर का सर भी फोड़ दिया था। इसके बाद जेल में बंदियों ने हंगामा कर दिया। बंदियों को काबू करने के लिए पुलिस ने कई राउंड हवाई फायरिंग की और जमकर बंदियों व पुलिसकर्मियों में मारपीट चली।
मौके पर एडीएम सिटी, एसपी सिटी और कई थानों की पुलिस फोर्स मौजूद थी। पुलिस ने कई बार बंदियो को वापस बैरक में लौटने के लिए कहा लेकिन भड़के कैदियों ने किसी की एक नहीं सुनी। बताया जा रहा है कैदी महिला बंदीरक्षकों के साड़ी के सहारे भागने की फिराक में थे। वो पेड़ो पर चढ़ गए और वहां से जेल की दीवार कूद कर भगना चाहते थे।
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वहीं जेल में हुए हंगामे के पीछे जो वजह सामने आ रही है वो चौंकाने वाली है। जेल पेशी के लिए अदालत भेजे जा रहे कैदी अजय यादव से बंदी राइटर ने पैसे मांगे थे, जब उसने पैसे देने से इंकार किया तो उसकी पिटाई की गई। जिसके बाद ये हंगामा शुरू हो गया।
हंगामे के बाद जिलाधिकारी राजमनि यादव ने मीडिया को अंदर बुलाया तो उसके बाद कैदियों ने भी अपनी बात रखी। कैदियों ने मांग रखी कि जेल अधीक्षक और डिप्टी जेलर को निलंबित किया जाए, जिसके बाद प्रशासन ने उनका ट्रांसफर कर दिया।
कैदियों की मांग ये भी थी कि जेल का चार्ज गजटेड अधिकारी को मिले, जिसके बाद जेल का चार्ज एसीएम को दे दिया गया। कैदियों का कहना था कि आज हुए बवाल के संबंध में किसी भी कैदी पर मुकदमा न दर्ज किया जाए और न ही किसी अन्य जेल में उनका ट्रांसफर हो इसे भी डीएम ने मान लिया।
शनि मूर्ति पर तेल चढ़ाने पहुंची भूमाता ब्रिगेड की महिलाओं को रोका गया
कोर्ट के आदेश के बावजूद लोगों ने भूमाता ब्रिगेड को मंदिर में घूसने से रोका
- फोटो : PTI
महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित शनि शिंगणापुर मंदिर में भगवान शनि की मूर्ति पर तेल चढ़ाने पहुंची भूमाता ब्रिगेड की महिला सदस्यों को स्थानीय लोगों और मंदिर प्रशासन ने प्रवेश करने से रोक दिया। स्थानीय लोगों के विरोध को देखते हुए ब्रिगेड की प्रमुख तृप्ति देसाई ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उचित सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की।
तृप्ति देसाई जब महिला सदस्यों के साथ शिंगणापुर मंदिर पहुंची तो उन्हें स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने तृप्ति के खिलाफ नारे भी लगाए। लोगों के इस रवैये को देखते हुए तृप्ति ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने पुलिस को यह निर्देश दिए हैं कि वे उनकी (तृप्ति और उनके सहयोगियों) की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें जिससे की वह शनि मंदिर में पूजा कर सकें लेकिन पुलिस ऐसा नहीं कर रही।
तृप्ति ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस के खिलाफ एफआईआर कराने की भी धमकी दी। तृप्ति ने कहा, 'अगर हमें मंदिर में प्रवेश से रोका गया तो हम मुख्यमंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे।' गौरतलब है कि महाराष्ट्र हाईकोर्ट ने भूमाता ब्रिगेड के पक्ष में फैसला सुनाते हुए शनि शिंगणापुर में महिलाओं के प्रवेश और मूर्ति पर तेल चढ़ाने की अनुमति देने के आदेश दिए थे। साथ ही पुलिस को भी निर्देश दिए थे कि वे उनके प्रवेश को सुनिश्चित करें। फिलहाल स्थानीय लोगों के विरोध के बाद उन्हें मंदिर से खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ा है।
मुंबई में ही होगा प्रत्यूषा का अंतिम संस्कार, ब्वायफ्रेंड राहुल राज हिरासत में
सीरियल बालिका वधू की बड़ी आनंदी यानी प्रत्यूषा बनर्जी की आत्महत्या की गुत्थी उलझती जा रही है। प्रत्यूषा के शव का मुंबई के गोरेगांव स्थित बीएमसी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम हुआ और अब घर के पास शवागृह में अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम की प्राथमिक रिपोर्ट कुछ देर में आएगी।
इस बीच पुलिस ने उनके ब्वॉयफ्रेंड राहुल राज सिंह को हिरासत में लिया और पूछताछ की। राहुल ने बयान दिया है कि उनकी प्रत्यूषा से कोई लड़ाई नहीं हुई थी। वो दोनों कुछ ही वक्त में शादी करने वाले थे। जबकि प्रत्यूषा के दोस्तों की तरफ से शक और आत्महत्या की वजह उनके प्रेमी राहुल और उनके साथ हुए झगड़ों को ही बताया जा रहा है।
प्रत्यूषा की दोस्त ने बताया कि कुछ दिन पहले ही उन्हें पता चला था कि इसी महीने वे सगाई कर रही हैं। इसी साल वे शादी करना चाहती थीं और शादी के तुंरत बाद ही बच्चे भी। प्रत्यूषा ने शादी के लिए लंहगा भी डिजाइन करवाया था। शव को उसी लंहगे और प्रत्यूषा की पसंद के गहने से सजाया गया और अंतिम विदाई दी गई। प्रत्यूषा के माता पिता जमशेदपुर से अस्पताल पहुंचे तो राहुल ही प्रत्यूषा की मां को संभाल रहे थे, लेकिन प्रत्यूषा के मां बाप ने उन्हें शव के पास जाने से रोक दिया है।
अब खबर आ रही है कि माता-पिता ने सीधे राहुल पर कोई आरोप नहीं लगाया है। उनका कहना था कि दोनों में लड़ाईयां होती थीं लेकिन सुलझ भी जाती थीं। प्रत्यूषा के अपार्टमेंट के सिक्योरिटी गार्ड ने भी बताया कि उनके झगड़े होते थे लेकिन खुदखुशी जैसी नौबत आ जाएगी, सोचा नहीं था। वहीं पुलिस राहुल राज को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी।
अलग दिखने के कारण मुस्लिम परिवार को फ्लाइट से उतारा
अमेरिका की एक एयरलाइंस से सफर करने वाले मुस्लिम परिवार को इस कारण फ्लाइट से उतार दिया गया क्योंकि दिखने में कुछ अलग से लग रहे थे। इमान अमी साद शेब्ले, उनके पति और उनके तीन बच्चे फ्लाइट से शिकागो से वाशिंगटन जा रहे थे। फेसबुक पर पोस्ट के जरिए उन्होंने सारी जानकारी दी है।
मुस्लिम परिवार ने दावा किया है कि उन्हें यूनाइटेड एयरलाइन्स के प्लेन से इसलिए उतार दिया गया क्योंकि वे बाकी लोगों से अलग दिख रहे थे। उन्होंने बताया तभी एक फ्लाइट अटैंडेंट आए और उन्हें प्लेन से नीचे उतर जाने के लिए कहा। इस मौके पर जब उनसे वजह पूछी गई तो उसने किसी तरह का कोई कारण नहीं बताया। इस पूरे घटनाक्रम का महिला ने वीडियो बना लिया।
वीडियो में साफ पता चल रहा है कि मुस्लिम परिवार की महिला ने उन्हें नीचे उतारे जाने का कारण भी पूछा। इसके बाद पायलट आते हैं और उन्होंने परिवार को फ्लाइट से नीचे उतर जाने के लिए कहा। जब उनसे वजह पूछी गई तो पायलट ने फ्लाइट सेफ्टी के लिए नीचे उतरने को कहा।
सीबीआई ने दाखिल की जिंदल कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले की क्लोजर रिपोर्ट
यूपीए सरकार में हुए कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले में जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड (जेएसपीएल) के खिलाफ चल रही सीबीआई की प्रारंभिक जांच बंद हो गई है। इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भूमिका की जांच की भी मांग उठती रही है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक सीबीआई और मुख्य सतर्कता आयुक्त कार्यालय ने सुप्रीम कोर्ट के सामने अपने प्रारंभिक जांच की क्लोजर रिपोर्ट अलग-अलग पेश की। यूपीए सरकार में हुए इस घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट के अगुवाई में हो रही है।
बताया जाता है कि यह मामला रामचंदी कोयले के ब्लॉक से जुड़ा हुआ है जिसे जेएसपीएल को दिया गया था। 28 फरवरी 2009 में लागू हुआ आदर्श चुनाव आचार संहिता के लागू होने से पहले यह कंपनी जिंदल के नाम पर ही थी।
महबूबा के शपथ समारोह में शामिल होंगे वेंकैया और जितेंद्र सिंह
भाजपा-पीडीपी द्वारा महबूबा मुफ्ती के शपथ ग्रहण समारोह की तारीख पर मुहर लगने के बाद समारोह की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू और डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल होंगे। 4 अप्रैल को 11 बजे राजभवन में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. निर्मल सिंह उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
सू्त्रों के मुताबिक महबूबा मुफ्ती कल जम्मू पहुंचेंगी। जम्मू पहुंचने के बाद महबूबा अपने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगी। वहीं शुक्रवार शाम पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. निर्मल सिंह के आवास पर राम माधव ने पार्टी के कोर ग्रुप के सदस्यों के साथ बैठक की। इसमें शपथ ग्रहण को लेकर चर्चा हुई। ज्यादातर पुराने चेहरों को ही मंत्रिमंडल में शामिल करने पर सहमति बनी।
इसके साथ ही मुफ्ती के नेतृत्व में 10 महीने तक सरकार चलाने के अनुभवों पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में आपसी समन्वय के साथ सरकार चलाने तथा सिद्धांतों और नीतियों से किसी प्रकार का समझौता न करने पर भी चर्चा हुई। सूत्रों ने बताया कि बैठक में मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या पर भी बात हुई।