बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से कहा है कि वो मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर सक्रिय कदम उठाए। कोर्ट ने इसे महिलाओं का मौलिक अधिकार बताते हुए कहा है कि सरकार मंदिरों में महिलाओं का जाना सुनिश्चचित करे। मुख्य न्यायधीश डीएच वाघेला और न्यायधीश एम एस सोनक की पीठ ने कहा है कि आखिरकार यह एक महिला का मौलिक अधिकार है और सरकार का दायित्व है कि उनके मौलिक अधिकारों की रक्षा करे।
राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में अपना पक्ष रख रहे एडवोकेट जनरल रोहित देव ने कोर्ट से कहा है कि सरकार लिंग भेद के खिलाफ है वो संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 25 को ध्यान में रखेगी। इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने मंदिरों में महिलाओं के प्रवेश संबंधी मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच में अपना पक्ष रखा था।
सरकार ने कोर्ट में कहा था कि महिलाओं को पूजा करने से रोकना गलता है। इससे पहले कोर्ट शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के पूजा और प्रवेश पर रोक के खिलाफ दायर की गई याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सरकार ने कहा है कि स्त्री पुरुष में भेदभाव गलत है और जहां पुरुष जा सकते हैं वहां महिलाएं भी जा सकती है। सरकार ने इससे संबंधित सर्कुलर भी जारी करेगी।
नीतीश राज में देसी शराब बंद, कानून तोड़ने पर मौत तक की सजा
बिहार में शुक्रवार से शराबबंदी का पहला चरण शुरू हो रहा है। बुधवार को बिहार विधानमंडल ने बिहार उत्पाद (संशोधन) विधेयक, 2016 सर्वसम्मति से पारित कर दिया था। सरकार ने शराबबंदी पर अमल के लिए क़ानून में बदलाव किए हैं और इन्हें लागू करने की तैयारी भी की है।
नए कानून के तहत गांवों में पूर्ण शराबबंदी होगी यानी देशी और विदेशी दोनों तरह की शराब की बिक्री पर रोक रहेगी। शहरी क्षेत्रों के चुनिंदा इलाकों की करीब 650 सरकारी दुकानों में सिर्फ़ विदेशी शराब बेची जाएगी, पटना नगर-निगम क्षेत्र में शराब बेचने की 90 सरकारी दुकानें खोली जाएंगी।
बिहार सरकार को इस फ़ैसले के कारण साल में दो हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के उत्पाद शुल्क का नुक़सान होगा। बिहार सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों के मुताबिक सरकार को देशी शराब की बिक्री से 2015-16 के वित्तीय वर्ष में 2,159 करोड़ रुपए उत्पाद शुल्क के रूप में मिले थे।
नए क़ानून में अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए कई कड़े प्रावधान किए गए हैं, ज़हरीली शराब पीने से मौत होने पर तो शराब बनाने और बेचने वालों को मौत की सजा तक हो सकती है।
यश भारती पुरस्कार पर हाईकोर्ट ने अखिलेश सरकार को घेरा
आईपीएस अमिताभ की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने यश भारती पुरस्कार को लेकर अखिलेश सरकार से जवाब-तलब किया है। हाईकोर्ट के जस्टिस एपी साही और जस्टिस एआर मसूदी की बेंच ने पुरस्कारों को लेकर सवालों के घेरे में लिया। उन्होंने राज्य सरकार से पूछा कि ये पुरस्कार किस वित्तीय मद से दिए जा रहे हैं? इसके अलावा पुरस्कार देने की अहर्ता को लेकर भी सवाल उठाए।
बता दें कि निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने यशभारती पुरस्कारों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि यशभारती पुरस्कार लिस्ट में कई नाम ऐसे हैं जिनकी उपलब्धियों की जानकारी ढूंढ़ने से भी नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि पुरस्कार की लिस्ट में पहले 22 नाम थे बाद में इन्हें चुपचाप बढ़ाकर 46 कर दिया गया। इस पर उन्होंने पुरस्कार मनमाने तरीके से दिए जाने की बात कही थी। इसके अलावा मुख्य सचिव आलोक रंजन की पत्नी सुरभि रंजन को पुरस्कार दिए जाने को उन्होंने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ बताया था।
उत्तराखंडः कपिल सिब्बल की पैरवी पर कोर्ट ने किया केंद्र सरकार को तलब
केंद्र के बजट अध्यादेश को चुनौती देने के लिए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और पूर्व संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश की तरफ से दाखिल की गई याचिका में नैनीताल हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
हरीश रावत की ओर से मामले की पैरवी कपिल सिब्बल कर रहे हैं। कोर्ट ने केंद्र सरकार को पांच अप्रैल तक केंद्र के बजट अध्यादेश पर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई छह अप्रैल को होगी। इस बाबत नैनीताल हाईकोई में शुक्रवार को दो याचिकाएं दायर की गई।
वरिष्ठ अधिवक्ता व पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल इन याचिकाओं पर हरिश रावत की ओर से पैरवी कर रहे हैं। इसके लिए कपिल सिब्बल शुक्रवार को नैनीताल पहुंचे। बता दें कि उत्तराखंड में वित्तीय संकट को टालने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद के बजट सत्र का सत्रावसान कर दिया था।
सिद्धू की पत्नी ने दिया भाजपा से इस्तीफा, फेसबुक पर डाली पोस्ट
पंजाब की मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) नवजोत सिद्धू के फेसबुक अकाउंट पर उनके इस्तीफे की पोस्ट डाली गई है। ये पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। उनके नाम से बने फेसबुक अकाउंट में डाली गई पोस्ट में लिखा गया है, Finally , I have resigned from BJP. The burden is over। उनके इस इस्तीफे के एलान पर 400 लोगों ने प्रतिक्रिया भी दी है। करीब 300 लोगों ने पोस्ट को शेयर किया है। उस पेज पर 26 हजार के करीब लाइक्स है।
पूरे पंजाब में उनके इस्तीफे की चर्चा के बाद कोई उनसे संपर्क साध नहीं पा रहा है और उनका मोबाइल फोन भी बंद है। ऐसा माना जा रहा है कि यह फेसबुक अकाउंट उनका ही है।
उनके कुछ करीबी कह रहे हैं कि उन्होंने अप्रैल फूल बनाया है। लोग यह भी कह रहे हैं कि एक सुलझी हुई नेता को यह करना शोभा भी नहीं देता है कि वह अपने इस्तीफे को एफबी पर शेयर करने के बाद सामने आकर सार्वजनिक भी न करें।
चीन ने रोका भारत का रास्ता, नहीं लगा आतंकी मसूद अजहर पर प्रतिबंध
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संयुक्त राष्ट्र संघ में आतंकवाद के मुद्दे पर एक बार फिर चीन ने भारत को पीछे की तरफ ढकेल दिया है। पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले का मुद्दा भारत ने संयुक्त राष्ट्र में उठाते हुए जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने का प्रश्न उठाया था। भारत ने मांग की थी कि अल-कायदा सेक्शन कमेटी के तहत मौलाना मसूद अजहर पर कार्रवाई हो।
बताया जा रहा है कि संयुक्त राष्ट्र संघ में 15 में से 14 देश मौलाना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में थे। पर अकेले चीन सभी देशों के खिलाफ चल गया और आतंकी संगठन के पक्ष में फैसला लिया।
चीन ने अपने फैसले को लेकर कोई जवाब नहीं दिया है। अपने लिखित जवाब में चीन ने कहा कि वो भारत के प्रस्ताव को अभी रोक रहे हैं। भारत के फैसले का अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने समर्थन किया है। साथ ही कई अन्य देश भी मौलाना मसूद अजहर के खिलाफ प्रतिबंध लगाने के पक्ष में है।
आपको बताते चले कि संयुक्त राष्ट्र संघ के पांच स्थायी सदस्यों में चीन भी है। चीन ने अपने वीटो शक्ति का प्रयोग करते हुए, भारत के इस प्रस्ताव को रोक दिया। पाकिस्तान के अलावा चीन ही ऐसा देश है जो अब मौलान मसूद अजहर के साथ खड़ा दिखाई देता है।
उत्तर कोरिया के मिसाइल टेस्ट के खिलाफ चीन-अमेरिका हुए एकजुट
उत्तर कोरिया फिर की गुस्ताखी, दागीं मिसाइलें
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छह साल बाद एक बार फिर से वॉशिंगटन में पचास से ज्यादा देशों के नेता परमाणु सुरक्षा को मजबूत करने के तरीकों पर बहस करने के लिए जमा हुए हैं। सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत है और लोहे की जालियां और बख्तरबंद गाड़ियां एक तरह से दीवार बनकर खड़ी हैं। लेकिन जाहिर है कि ये दीवार परमाणु हमले का सामना नहीं कर सकती और ये अहसास इस सम्मेलन का अहम हिस्सा है ख़ासकर तब जबकि ये माना जा रहा है कि ब्रसेल्स के चरमपंथी हमलावर कुछ ही महीनों पहले बेल्जियम के परमाणु ठिकानों की टोह ले रहे थे और उनपर निशाना लगाने की ताक में थे।
परमाणु हथियारों को इस्लामिक स्टेट और दूसरे चरमपंथी गुटों के हाथ में पड़ने से कैसे रोका जाए ये इस बहस का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा है। लेकिन साथ ही उत्तरी कोरिया का परमाणु कार्यक्रम भी ख़ासी चिंता पैदा कर रहा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि चीन और अमेरिका उत्तर कोरिया को और मिसाइल परीक्षण करने से रोकने के लिए एकसाथ प्रयास करेंगे। हाल के हफ्तों में उत्तर कोरिया हाइड्रोजन बम का परीक्षण कर चुका है और बार बार वह मिसाइल परीक्षण करता रहा है और उसने पश्चिमी देशों को धमकी भी दी है। ओबामा गुरुवार को वॉशिंगटन में परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिले।
ओबामा ने कहा कि वह और शी जिंनपिंग इस बात पर सहमति के लिए प्रयास कर रहे हैं कि "हम परमाणु मिसाइल परीक्षण जैसे कदमों को कैसे कम कर सकते हैं, जो तनाव बढ़ाते है और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करते हैं।" राष्ट्रपति ओबामा ने जापान और दक्षिण कोरिया के नेताओं को भी यकीन दिलाया कि वो पूरी तरह से उनके साथ खड़े हैं। चीन उन गिने-चिने देशों में से है जिसके साथ ओबामा ने इस बैठक के दौरान द्विपक्षीय बातचीत की है लेकिन वहां भी एजेंडे पर उत्तर कोरिया सबसे ऊपर था।