बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को झटका देते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि अर्नब जमानत के लिए निचली अदालत का रुख कर सकते हैं।
वही अब रिपब्लिक टीवी के एक न्यूज एंकर ने भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) एस ए बोबडे को पत्र लिखकर उनसे आग्रह किया है कि अर्नब गोस्वामी को तलोजा जेल में ‘खतरनाक’ अपराधियों एवं ‘अंडरवर्ल्ड’ के साथ रखे जाने के कदम का संज्ञान लिया जाए और उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
बता दें कि पत्रकार को पहले अलीबाग जेल के लिए कोविड-19 केंद्र के तौर पर निर्धारित एक स्थानीय स्कूल में रखा गया था और न्यायिक हिरासत में उन्हें कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते पाए जाने के बाद रविवार को रायगढ़ के तलोजा जेल में स्थानांतरित कर दिया गया।
समाचार चैनल के सलाहकार संपादक प्रदीप भंडारी ने रविवार को सीजेआई को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि गोस्वामी को गलत केस में फंसाकर जेल में स्थानांतरित किया गया है और उन्हें तलोजा जेल में खतरनाक अपराधियों और अंडरवर्ल्ड के साथ रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि गोस्वामी ने कहा है कि उनका जीवन खतरे में है और सुबह उनके साथ मारपीट की गई है और सीजेआई से आग्रह किया कि मामले का संज्ञान लें और उन्हें सुरक्षा मुहैया कराएं।