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बड़ी कार्रवाई: मैक्स का लाइसेंस रद्द, जिंदा नवजात को मरा हुआ बता दिया था

Fri, 08 Dec 2017 07:50 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली सरकार ने चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मैक्स अस्पताल शालीमार बाग का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इसी अस्पताल ने हाल में समय पूर्व पैदा हुए जुड़वां बच्चों को मृत घोषित कर दिया था और उनके शव को प्लास्टिक बैग में रखकर परिजनों को सौंप दिया था, जबकि उनमें एक बच्चा जिंदा था। बाद में उस बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। 
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राज्य सरकार के स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक (डीजीएचएस) ने अस्पताल को आदेश दिया है कि वह किसी भी नए मरीज को भर्ती न करे और सभी आउटडोर स्वास्थ्य सेवाओं को तत्काल प्रभाव से बंद कर दे। इस मामले में गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने शुक्रवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को अपनी रिपोर्ट सौंपी। जैन ने कहा कि यह घटना अस्वीकार्य है क्योंकि यह अस्पताल बार-बार कानून का उल्लंघन करने का आदी हो गया है। इससे पहले उसे आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी के मरीजों के लिए तय कोटे के तहत उनका इलाज से इनकार करने और डेंगू मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था नहीं कर पाने का दोषी पाया गया था। इन मामलों में अस्पताल को नोटिस भी जारी किए गए थे।


डॉक्टरों पर कार्रवाई करेगा मेडिकल काउंसिल
जुड़वां बच्चों के मामले में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई के सवाल पर जैन ने कहा कि दिल्ली मेडिकल काउंसिल और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया इस मामले में कार्रवाई करने के लिए अधिकृत हैं।
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बर्दाश्त नहीं की जाएगी लापरवाही
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम अस्पतालों के दैनिक कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते हैं लेकिन किसी भी अस्पताल द्वारा खुली लूट और आपराधिक लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अस्पताल ने कार्रवाई को बताया अनुचित
नई दिल्ली। मैक्स अस्पताल शालीमार बाग का संचालन करने वाले मैक्स हेल्थकेयर ने सरकार की कार्रवाई को सख्त और अनुचित करार दिया है। अस्पताल का आरोप है कि उसे अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया। सरकार के इस कदम से मरीजों को ही परेशानी होगी। अगर किसी एक व्यक्ति ने गलती की तो उसके लिए अस्पताल को जिम्मेदार ठहराना अनुचित है। इस आदेश के खिलाफ हम सभी विकल्पों पर विचार करेंगे।
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