फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनएसजी में भारत की दावेदारी का समर्थन करेगा न्यूजीलैंड

Wed, 26 Oct 2016 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता और आतंकी मौलाना मसूद अजहर पर शिकंजा कसने के भारत के अभियान को बुधवार को मजबूती मिली है। न्यूजीलैंड ने इन दोनों ही मामलों में भारत को सकारात्मक संदेश दिए हैं।
विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जॉन की के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद जारी साझा बयान में हालांकि इन दोनों ही मुद्दों का जिक्र नहीं है। लेकिन जॉन की ने इन दोनों मुद्दों पर भारत का रुख समझने के बाद सकारात्मक रुख अपनाया। माना जा रहा है कि इन दोनों ही मुद्दों पर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की प्रक्रिया जारी रहेगी। माना जा रहा है कि एनएसजी पर नवंबर में विएना में होने वाली बैठक से पहले न्यूजीलैंड अपना रुख साफ कर लेगा। गौरतलब है कि इससे पहले न्यूजीलैंड ने एनएसजी की सदस्यता के मामले में चीन के परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर करने वाले देशों के नाम पर ही विचार करने के रुख का समर्थन किया था।

द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में पीएम मोदी ने एनएसजी पर न्यूजीलैंड के रचनात्मक रुख की प्रशंसा की। सरकारी सूत्रों ने बताया कि भारत की स्वच्छ ऊर्जा जरूरत के लिए एनएसजी की सदस्यता हासिल करने पर जॉन का रुख सकारात्मक रहा। इस दौरान जॉन ने यह भी माना कि स्वच्छ ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा के विस्तार के लिए इससे जुड़े कारोबार के नियमों का साफ होना बेहद जरूरी है। साझा बयान में भी न्यूजीलैंड ने कहा कि वह एनएसजी में भारत के प्रवेश के लिए रचनात्मक रूप से जुड़ा रहेगा।
विज्ञापन


द्विपक्षीय वार्ता में आतंकवाद बेहद अहम मुद्दा रहा। पीएम मोदी ने आतंकवाद की चुनौती की चर्चा करते हुए जैश ए मोहम्मद मौलाना मसूद अजहर को आतंकी घोषित कराने पर न्यूजीलैंड का साथ मांगा। संयुक्त राष्ट्र में आतंकियों पर प्रतिबंध लगाने की समिति के मुखिया न्यूजीलैंड ने मसूद मामले में गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। साझा प्रेस कांफ्रेंस में भी पीएम मोदी ने कहा कि भौगोलिक भिन्नता के बावजूद हम आतंकवाद के खतरों से नहीं बचे रह सकते। दुनिया की इस सबसे बड़ी चुनौती से निपटने के लिए वित्तीय और सूचना नेटवर्क का विस्तार जरूरी है। न्यूजीलैंड से मिले सहयोग की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने यह भी कहा कि दोनों देश लांग ऑफ में क्षेत्ररक्षण करने के बाद बैटिंग पिच पर आ गए हैं। अब रक्षात्मक की जगह आक्रामक बैटिंग ने ले ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें