न्यूयॉर्क के दक्षिण जिले की एक अमेरिकी संघीय अदालत ने कथित वादे के अनुरूप प्रधानमंत्री राहत कोष में 50 करोड़ डॉलर जुटाने में मदद नहीं देने के कारण टाटा अमेरिका को समन जारी किया है।
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याचिकाकर्ता का आरोप है कि जनवरी 2017 में टाटा ट्रस्ट प्रधानमंत्री राहत कोष में 50 करोड़ डॉलर जुटाने में मदद करने के लिए राजी हुआ था और अगस्त 2018 में टाटा समूह के संरक्षक रतन टाटा ने टाटा अमेरिका को इसके लिए निर्देश दिया था लेकिन टाटा अमेरिका ने मदद नहीं की।
टाटा अमेरिका, टाटा संस की सबसे बड़ी कंपनियों में एक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली कंपनी है। समन न्यूयॉर्क दक्षिण जिले के जर्ज एडगार्डो रामोस ने जारी किया है। टाटा अमेरिका इंटरनेशल कॉरपोरेशन ने समन को ओछा करार देते हुए कहा है कि ये उसपर लागू नहीं होता।
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कंपनी ने याचिकाकर्ता डॉक्टर पंकज के फड़निस को चेतावनी भी दी है कि याचिका वापस नहीं लेने के गंभीर परिणाम होंगे। फड़निस 2017 से 2019 तक टाटा ट्रस्ट के वरिष्ठ सलाहकार रहे हैं।
उनका कहना है कि रतन टाटा ने उन्हें टाटा ट्रस्ट का वरिष्ठ निदेशक नियुक्त किया था और टाटा ट्रस्ट के साथ उनका ये समझौता हुआ था कि वह न्यूयॉर्क के एक धर्मार्थ ट्रस्ट के प्रबंधन में सुधार कर प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए 50 करोड़ डॉलर जुटाएंगे। ये धर्मार्थ ट्रस्ट दिनशा ट्रस्ट है जिसे दिनशा एडुलजी ने बनाया है। दिनशा एडुलजी 1900 ईस्वी के मशहूर फाइनेंसर फर्मरोज दिनशा के बेटे थे जिन्होंने बॉम्बे को बसाने में मदद की थी और टाटा स्टील और टाटा पावर को लोन दिया था।