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नई वैक्सीन नीति : राज्यों में सुस्त हो सकता है टीकाकरण अभियान, कोविन एप में भी होगा बदलाव

Tue, 08 Jun 2021 11:10 PM IST
योगेश साहू डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नई नीति के बाद केंद्र सरकार फिर से राज्य सरकारों के साथ टीकाकरण अभियान को लेकर एक बैठक करेगी।
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में जिस तरह देश में वैक्सीन नीति में बदलाव किया और वैक्सीन की पूरी खरीद अब केंद्र की तरफ से करने का फैसला सुनाया उसे जमीनी स्तर पर लाने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम सक्रिय हो गई है। उनका मानना है कि इस नीति से देश में टीकाकरण की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ेगी, जिससे लोगों को कुछ दिनों के लिए वैक्सीन के लिए परेशान होना पड़ सकता है।

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स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नई नीति के बाद केंद्र सरकार फिर से राज्य सरकारों के साथ टीकाकरण अभियान को लेकर एक बैठक करेगी। इसमें केंद्र फिर से राज्यों से वैक्सीन की डिमांड को लेकर चर्चा करेगा और राज्यों को वैक्सीन कैसे जल्दी सप्लाई हो इसे लेकर हर राज्य की अलग-अलग रुपरेखा तय की जाएगी। नई नीति को ध्यान में रखते हुए कोविन एप में भी बदलाव करना होगा। इसी बीच केंद्र भी वैक्सीन निर्माता कंपनियों से बातचीत करेगा और नए सिरे से अपनी जरूरतें बताएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, नई नीति आने के बाद से ही राज्य सरकारों ने अपने स्तर पर वैक्सीन खरीदना बंद कर दिया है। जब तक केंद्र नई नीति के तहत राज्यों को टीके उपलब्ध नहीं करवाती तब तक राज्य अपने पुराने स्टॉक से ही लोगों का टीकाकरण करते रहेंगे। हालांकि राज्यों के पास वैक्सीन का तीन दिन का ही स्टॉक उपलब्ध है। इसके खत्म होते ही टीकाकरण अभियान की रफ्तार मद्धम पड़ जाएगी। फिर जब केंद्र सरकार 21 जून से नई नीति के तहत राज्यों को टीके उपलब्ध करवाना शुरू करेगा तभी अभियान फिर से गति पकड़ सकेगा।
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ऐसे मिलेगी वैक्सीन
नई वैक्सीन नीति से राज्यों और केंद्र के बीच टकराव खत्म हो गया है। निर्माताओं से सीधे वैक्सीन लेने की सुविधा से केंद्र सरकार को आसानी होगी। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी थी कि अगस्त से दिसंबर के बीच सीरम इंस्टीट्यूट 50 करोड़, भारत बायोटेक 38.6 करोड़, बायो-ई 30 करोड़, जायडस कैडिला 5 करोड़, स्पूतनिक-वी 10 करोड़ वैक्सीन उपलब्ध कराएगा। इस तरह करीब 130 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन यहां से आएंगी। 

नई नीति के तहत केंद्र सरकार को वैक्सीन के लिए करीब 45 हजार करोड़ रुपये का खर्च उठाना पड़ सकता है, केंद्र ने इस बजट में सभी लोगों के टीकाकरण प्रोग्राम के लिए 35 हजार करोड़ देने की घोषणा की थी। अभी तक इसमें से करीब 4 हजार करोड़ रुपये खर्च किया गया है। 

वहीं देश में अभी करीब 94 करोड़ ऐसे लोग हैं, जो 18 साल से अधिक हैं। ऐसे में इनके लिए 188 करोड़ डोज की जरूरत होगी। केंद्र के मुताबिक 31 जुलाई तक भारत के पास 53.6 करोड़ डोज होंगी। इनमें से 23 करोड़ अभी तक दी भी जा चुकी हैं। अब सरकार नई नीति के तहत 1 अगस्त से 31 दिसंबर तक 133.6 करोड़ वैक्सीन देगी, हर रोज करीब 90 लाख वैक्सीन की डोज लगाए जाएंगे। तब केंद्र का दिसंबर तक पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य पूरा हो पाएगा।

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