वर्ष 2009 में एक दूसरे से रिश्ते खत्म करने वाले बीजू जनता दल (बीजद) और भाजपा एक बार फिर करीब आ रहे हैं। इसके संकेत एक हफ्ते से दिल्ली में रुके ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ मुलाकातों से मिले।
पिछले सप्ताह पटनायक की पीएम के साथ लंबी मुलाकात हुई। लोकसभा चुनाव के दौरान कड़वाहट भरे आरोप प्रत्यारोप के बाद यह मुलाकात सुखद माहौल में हुई। सीएम ने राज्य के लिए 5000 करोड़ की मदद और विशेष राज्य के दर्जे की मांग की तो पीएम ने राज्य के विकास के लिए हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। खासकर फैनी तूफान के बाद ओडिशा के तटीय जिलों में आई तबाही से निपटने में केंद्र की ओर से पूरी मदद की बात की। पटनायक ने भी बीजद की ओर से केंद्र में एनडीए सरकार को रचनात्मक सहयोग का वादा किया।
पीएम के साथ पटनायक की सौहार्दपूर्ण मुलाकात का परिणाम दो दिन बाद ही दिखा। मोदी ने शुक्रवार को ओडिशा में भाजपा के सीएम पद के उम्मीदवार रहे धर्मेंद्र प्रधान को पटनायक से मिले ओडिशा भवन भेजा। सामान्य तौर पर अपने राज्य के विकास कार्यों से संबंधित योजनाओं के लिए कोई भी मुख्यमंत्री केंद्रीय मंत्रियों से उनके कार्यालय या सरकारी आवास पर मुलाकात करता है।
ऐसे में प्रधान का पटनायक से ओडिशा भवन जाकर मिलना महत्वपूर्ण है। यह कदम इसलिए भी अप्रत्याशित है क्योंकि भाजपा ने लोकसभा चुनाव में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा था। चुनाव के बाद जहां बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भाजपा से रिश्ते लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, वहीं पटनायक और मोदी ने चुनाव प्रचार की कड़वाहट की आंच आपसी रिश्तों पर नहीं आने दी है।