सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव बुधवार सुबह सात बजे ही दफ्तर पहुंच गए। उन्होंने पहला आदेश जारी करते हुए राकेश अस्थाना के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार और जबरन वसूली के आरोपों की जांच कर रही पूरी टीम को हटा दिया। उन्होंने नई टीम का गठन किया।
अब मामले की जांच सीबीआई में पुलिस अधीक्षक सतीश डागर करेंगे। डागर इससे पहले डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम से जुड़े मामले की जांच कर चुके हैं। इस टीम में संयुक्त निदेशक वी मुरुगेशन को भी शामिल किया गया है।
डागर की टीम पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) तरुण गौबा को रिपोर्ट करेगी। गौबा मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले की जांच कर चुके हैं। गौबा चंडीगढ़ यूनिट में तैनात थे। गौबा से पहले यह जिम्मेदारी डीआईजी अरुण कुमार सिन्हा निभा रहे थे।
सिन्हा का तबादला नागपुर के एंटी करप्शन ब्रांच कर दिया गया है। इससे पहले यह मामला सीबीआई मुख्यालय जोन की भ्रष्टाचार निरोधक यूनिट में था। इसके मुखिया इसके मुखिया और सीबीआई में तीसरे वरिष्ठ अधिकारी संयुक्त सचिव एके शर्मा का भी तबादला कर दिया गया है।
उन्हें मल्टी डिसीप्लनरी मॉनिटरिंग एजेंसी में भेज दिया गया है। यह एजेंसी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की राजनीतिक साजिश की जांच कर रही है। साथ ही वरिष्ठ अधिकारी ए. साई मनोहर का तबादला कर उन्हें चंडीगढ़ जोन का संयुक्त निदेशक बनाया गया है, जबकि डीआईजी आर्थिक अपराध-तीन के पद पर कार्यरत अमित कुमार संयुक्त निदेशक (नीति) का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।