पृथ्वी पर मानव समेत सभी जीव-जंतुओं को उजाला देने वाले सूर्य में भी कई ऐसे हिस्से हैं जो अंधेरे में रहते हैं। वैज्ञानिकों ने एक ऐसे ही सनस्पॉट का पता लगाया है जिसका केंद्र पृथ्वी के व्यास से दोगुना है। इस जानकारी समेत सूर्य के बारे में कई नई जानकारियां निकालकर वैज्ञानिकों ने आने वाले समय में सूर्य संबंधी शोधों को नई दिशा दी है।
वैज्ञानिकों ने सूर्य की तस्वीरें निकालने के लिए अटाकामा लार्ज मिलीमीटर/सब मिलीमीटर एरे (अल्मा) एंटीना डिजाइन किया था ताकि सूर्य की गर्मी से क्षतिग्रस्त हुए बिना तस्वीरें निकाली जा सकें। शोधकर्ताओं ने सूर्य के क्रोमोस्फेयर से उत्सर्जित होने वाले प्रकाश की तस्वीरें लेने के लिए अल्मा की क्षमता को और बेहतर किया। ये प्रकाश मिलीमीटर वेवलेंथ वाले होते हैं।
शोधकर्ताओं ने अलग बैंड के रिसीवर का इस्तेमाल कर 1.5 मिलीमीटर और 1 मिलीमीटर वेवलेंथ के प्रकाश की तस्वीरें निकाली। इनसे दोनों जगहों क ा तापमान अलग होने का पता चला। वैज्ञानिकों ने इन्हीं आंकड़ों के आधार पर सनस्पॉट को खोज निकाला।