दुनियाभर में प्रेस की आजादी के मामले में स्थितियां बहुत खराब है। भारत विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में पिछले साल के मुकाबले तीन पायदान नीचे खिसक गया। बुधवार को इस सूचकांक को 'रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स' द्वारा जारी किया गया। 180 देशों की इस सूची में भारत को 136वां स्थान मिला है। अगर भारत के पड़ोसी देशों की बात करें तो चीन ने इस सूची में अपनी पुराना स्थान कायम रखा है। सूची में चीन को 176वां स्थान मिला है वहीं पाकिस्तान अपने स्थान से 8 अंक ऊपर खिसककर 139वें स्थान पर पहुंच गया है।
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रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने इस रिपोर्ट में भारत को पत्रकारिता के 'मुश्किल परिस्थिति' वाले देशों की श्रेणी में रखा है। इस सूची में नॉर्वे पहले और उत्तर कोरिया अंतिम स्थान पर है। छह सालों से पहले स्थान पर रहा फिनलैंड अब तीसरे नंबर पर पहुंच गया है।
इस रिपोर्ट के अनुसार प्रेस की स्वतंत्रता के मामले में कई देशों का प्रदर्शन पिछले साल की तुलना में काफी कमजोर रहा है। ब्रिटेन, अमेरिका और चिली दो-दो स्थान की गिरावट के साथ क्रमश: 40वें, 43वें और 33वें स्थान पर पहुंच गए। वहीं न्यूजीलैंड आठ स्थान की गिरावट के साथ 13वें स्थान पर पहुंच गया है।
इस रिपोर्ट में कहा गया कि लोकतांत्रिक देशों में हालात तो और खराब हैं। ये देश प्रेस की आजादी के मामले में लगातार पीछ हो रहे हैं। इसके अलावा इस गिरावट को रोकने की कोई कोशिश भी नहीं हो रही।
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पिछले साल जिन देशों में प्रेस की आजादी को लेकर हालत अच्छी थी इस बार ऐसे देशों की संख्या में दो फीसदी तक की कमी आई है। भारत, रूस, चीन सहित 72 देशों में प्रेस की आजादी को लेकर हालात बहुत ही चिंताजनक है। इन देशों में मीडिया को निशाना बनाने की घटनाएं अब आम बात हो गई हैं। सोशल मीडिया के इस समय में पत्रकारों पर साइबर हमलों की तादाद भी काफी बढ़ गई है।
आपको बता दें कि रिपोर्टर विदाउट बॉर्डर्स एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी और गैर-सरकारी संगठन है जो प्रेस की स्वतंत्रता और सूचना की स्वतंत्रता को बढ़ावा देता है। इस संगठन का मुख्यालय फ्रांस की राजधानी पेरिस में है।