मौजूदा स्ट्रक्चर के अनुसार केंद्रीय बोर्ड निर्णयों में एक सलाहकार की भूमिका निभाता है, लेकिन इसे क्रियाशील करने और केंद्रीय बैंक के निर्णयों में बोर्ड की भूमिका बढ़ाने की भी कोशिश हो रही है। सूत्र ने कहा कि सरकार भी केंद्रीय बैंक के निर्णयों में अधिक जुड़ाव चाहती है।
जैसा कि सरकार को लगता है कि मौजूदा प्रणाली में उसे लोन के भुगतान में एक दिन की देरी में भी उसे एनपीए में बदलने जैसे कई गंभीर मुद्दों से दूर रखा जाता है। आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड की अध्यक्षता गवर्नर के हाथ में होती है, इसमें दो सरकारी नामांकित निदेशक व 11 स्वतंत्र निदेशक शामिल होते हैं। फिलहाल बोर्ड में कुल 18 सदस्य हैं जिसे बढ़ाकर 21 तक किया जा सकता है।