प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे। नया भवन देश की विविध संस्कृति को भी पेश करेगा। राज्यसभा और लोकसभा के साथ-साथ नए संसद भवन में एक संविधान हॉल भी बनाया गया है। इसमें देश के संवैधानिक विरासत की प्रदर्शनी लगाई गई है। जानकारी के अनुसार, नए भवन के लोकसभा में 888 सांसदों की बैठने की क्षमता होगी। जबकि राज्यसभा का आकार लोकसभा के मुकाबले छोटा होगा। राज्यसभा में 384 सांसद बैठ सकेंगे। दोनों सदनों का संयुक्त सत्र लोकसभा चैंबर में होगा। इसमें 1280 सांसद एक साथ बैठ सकेंगे। नए भवन में सांसदों के सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे। नया भवन देश की विविध संस्कृति को भी पेश करेगा। राज्यसभा और लोकसभा के साथ-साथ नए संसद भवन में एक संविधान हॉल भी बनाया गया है। इसमें देश के संवैधानिक विरासत की प्रदर्शनी लगाई गई है। जानकारी के अनुसार, नए भवन के लोकसभा में 888 सांसदों की बैठने की क्षमता होगी। जबकि राज्यसभा का आकार लोकसभा के मुकाबले छोटा होगा। राज्यसभा में 384 सांसद बैठ सकेंगे। दोनों सदनों का संयुक्त सत्र लोकसभा चैंबर में होगा। इसमें 1280 सांसद एक साथ बैठ सकेंगे। नए भवन में सांसदों के सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।
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नए संसद भवन के निर्माण के लिए बलुआ पत्थर राजस्थान के सरमथुरा से, सागौन (टीक वुड) की लकड़ी महाराष्ट्र के नागपुर से मंगाई गई है। कार्पेट उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से मंगवाए गए हैं। त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से बांस की लकड़ी की फ्लोरिंग मंगवाई गई है। स्टोन जाली वर्क्स राजस्थान के राजनगर और उत्तर प्रदेश के नोएडा से लिए गए हैं। अशोक प्रतीक को महाराष्ट्र के औरंगाबाद और राजस्थान के जयपुर से मंगाया गया है। अशोक चक्र को मध्यप्रदेश के इंदौर से लिया गया है। लाल लाख राजस्थान के जैसलमेर से मंगवाया गया है। इसी राज्य के अंबाजी से सफेद संगमरमर पत्थर खरीदे गए हैं। केसरिया ग्रीन स्टोन उदयपुर से मंगवाया गया है। एम-सैंड को हरियाणा के चकरी दादरी, फ्लाईएश ब्रिक्स को एनसीआर हरियाणा और उत्तर प्रदेश से खरीदा गया था। ब्रास वर्क और प्री-कास्ट ट्रेंच गुजरात के अहमदाबाद से लिए गए हैं। एलएस/आरएस फाल्स सीलिंग स्टील संरचना दमन और दीव से ली गई।