जापान और इटली की तरह भारत में अत्याधुनिक मशीनों से कोरोना वायरस की जांच की जाएगी। सरकार जल्द ही नोएडा व भुवनेश्वर में लैब शुरू करेगी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने मंगलवार को कहा, रविवार तक में हाई थ्रोपुट डायग्नोस्टिक सिस्टम के तहत रैपिड दो मशीनें स्थापित की जा रही हैं। ये काफी अत्याधुनिक हैं।
डॉ. भार्गव ने बताया कि कोरोना वायरस की जांच हर किसी व्यक्ति को कराने की जरूरत नहीं है। जो लोग हाल ही में विदेश यात्रा से लौटकर आए हैं या इन लोगों के संपर्क में कोई आया है। साथ ही इन्हें बुखार, कफ और सांस लेने में तकलीफ है तो ये अपनी जांच करा सकते हैं। इसके अलावा अस्पतालों में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारी भी अपनी जांच करा सकते हैं।
आईसीएमआर से जुड़े सूत्रों की मानें तो जल्द ही घर बैठे लोगों को कोरोना जांच की सुविधा मिल सकती है। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की हेल्पलाइन पर लोगों को कॉल करना होगा और उन्हें ये बताना होगा कि उनका कोरोना वायरस से क्या संबंध है? इनकी विदेश यात्रा और विदेशों से आने वाले संपर्क होने पर घर बैठे जांच कराई जा सकेगी। ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि संदिग्ध मरीज को बाहरी वातावरण से दूर रखा जा सके।