कोरोना से डगमगाई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार सिलसिलेवार कदम उठा रही है। इनमें सबसे ज्यादा जोर बाजार में उपभोक्ता मांग पूंजीगत खर्च बढ़ाने पर दिया जा रहा है। यही वजह है कि त्योहारी सीजन के मद्देनजर सरकारी कर्मचारियों को अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) के खरीदारी के लिए एडवांस देने की घोषणा की गई है। उम्मीद है कि निजी कंपनियां भी ऐसी पहल करेंगी। सरकार का कहना कि उसकी घोषणा से बाजार में एक लाख करोड़ की मांग पैदा होगी।
विशेष त्योहारी अग्रिम का इस्तेमाल
इसके तहत सरकार कर्मचारियों को ब्याज मुक्त 10 हजार एडवांस देगी, जो सरकार को दस किस्तों में वापस लौटाने होंगे। रकम प्री-लोडेड रुपे कार्ड में मिलेगी। इस पर केंद्र सरकार के 4000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
ऐसे मिलेगा फायदा
सरकार की घोषणा के मुताबिक वह कर्मचारियों को बिना यात्रा के ही एलटीसी पर कर रियायत देगी लेकिन इसके लिए उन्हें एलटीसी की 3 गुना राशि 12 फीसदी या उससे ऊपर जीएसटी वाली वस्तुओं व सेवाओं पर खर्च करनी होगी। यानी मान लीजिए अगर आपकी सैलरी में एलडीसी किराया 40 हजार है तो आपको इस पर आयकर बचाने के लिए 1.20 लाख रुपए का सामान खरीदना होगा। यह भुगतान भी आपको डिजिटल माध्यम से करना होगा और आप इस स्कीम का लाभ नहीं लेना चाहते हैं तो अपने एलटीसी पर लागू मार्जिनल टैक्स रेट के हिसाब से भुगतान करना होगा। यानी आप 10 फीसदी आयकर सेलेब्स में आते हैं तो 40 हजार एलटीसी पर आपको 4 हजार और 30 फीसदी टैक्स स्लैब के हिसाब से 12 हजार चुकाने होंगे।