चीन से लगातार चल रहे सीमा विवाद पर भारत भी कड़े तेवर अपनाए हुए है। भारत ने हाल ही में बार्डर पर सैनिकों के लिए 72,500 सिग सॉयर असॉल्ट रायफलें दी थीं। अब भारत ने 72,500 और रायफलों को मंजूरी दी है, इससे भारत के सैनिको की ताकत में इजाफा होगा।
हाल ही में आतंकरोधी अभियानों के लिए भारत जम्मू कश्मीर पर तैनात सैनिकों को 72,500 राइफलें दी थी। अब मोदी सरकार ने फास्ट ट्रैक प्रक्रियाओं के तहत इन राइफलों को मंजूरी दी है, इन्हें पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ मोर्चे पर तैनात सैनिकों को दिया जाएगा।
सरकार के सूत्रों के मुताबिक जिन इलाकों में सेना दुश्मन का सामना कर रही है, वहीं सरकार की योजना ज्यादा से ज्यादा और सबसे अच्छे उपकरण देने का विचार कर रही है साथ ही पुराने सभी राइफलों के जगह आधुनिक राइफलें दी जा रही हैं।
भारत सरकार लगातार बार्डर पर तैनात सैनिकों को मजबूती दे रही है। इसके लिए सरकार नई राइफलों को चीन से तनाव के बीच चीनी बार्डर पर तैनात सैनिकों को देने जा रही है। फिलहाल, सरकार की 1.5 लाख अमेरिकी राइफलें आतंकवादियों से निपटने के लिए साथ ही सीमा पर तैनात जवानों को देने की योजना है।
चीन से लगातार सीमा विवाद पर हो रही वार्ताएं विफल रही हैं। जिसके कारण सीमा पर तनाव जारी है। कुछ समय पहले सीमा पर सैनिकों के बीच झड़पें भी हुई थीं। जिससे आने वाले समय में चीन से टकराने की संभवानाएं बढ़ रही हैं।
इसलिए सरकार सेना की बार्डर पर ताकत बढ़ा रही है। हाल ही में रक्षा मंत्रालय ने इजरायल से 16 हजार लाइट मशीन गन्स का सौदा किया है। अब अमेरिका से इन राइफलों के आ जाने से सेना काफी मजबूत होगी।
साथ ही अन्य सुरक्षाकर्मियों के लिए एके 203 का उत्पादन अमेठी में किया जा रहा है। जिसे भारत और रूस साथ मिलकर बना रहे हैं। मेक इन इंडिया राइफल के आ जाने के बाद सेना की लगभग पुरानी राइफलों को हटा दिया जाएगा।