जरूरत पड़ी तो फिर करेंगे बालाकोट में कार्रवाई
भदौरिया से जब पूछा गया कि क्या भारत आज बालाकोट जैसी एयर स्ट्राइक के लिए फिर से तैयार है? इस पर उन्होंने कहा, ‘हम तब भी तैयार थे, आज भी तैयार हैं और कल भी तैयार रहेंगे।’ उन्होंने बताया कि पाकिस्तान फिर से बालाकोट में आतंकी शिविरों को तैयार कर रहा है। हम इससे अवगत हैं और आवश्यकता पड़ने पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
भदौरिया ने जीपीएस के इस्तेमाल द्वारा जगुआर से बमबारी करने का तरीका खोजा
भदौरिया जून, 1980 में वायुसेना की लड़ाकू शाखा में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होेंने कई अहम पदों पर जिम्मेदारी संभाली। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र भदौरिया ने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ पुरस्कार भी जीता। अपने चार दशक के करियर में भदौरिया जगुआर स्क्वॉड्रन और एक प्रमुख वायु सेना अड्डे की कमान संभाल चुके हैं। उन्होंने जीपीएस का इस्तेमाल कर जगुआर विमान से बमबारी करने का तरीका ईजाद किया।
इस तरीके का इस्तेमाल 1999 में ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में जगुआर विमान द्वारा बमबारी में किया गया था। भदौरिया को 26 तरह के लड़ाकू और परिवहन विमानों को 4,250 घंटों तक उड़ाने का अनुभव है। भदौरिया उन चंद वायुसेना पायलटों में से एक हैं, जिन्होंने राफेल लड़ाकू विमान उड़ाया है। फ्रांस और भारत के बीच गरुड़ युद्धाभ्यास के दौरान भदौरिया ने राफेल विमानों को उड़ाया था। वह मॉस्को में भारतीय दूतावास से भी जुडे़ रहे हैं।