फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

न्यू इंडिया की कल्पना तब तक बेमानी है जबतक देश का एक भी बच्चा यौन शोषित है-राष्ट्रपति कोविंद

Tue, 17 Oct 2017 02:21 PM IST
संजय मिश्र, नई दिल्ली
विज्ञापन
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : ANI
विज्ञापन
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यौन शोषित बच्चों से मुलाकात कर भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि इंसानों की शक्ल में हैवान आज भी बच्चों का जीवन खराब कर रहे हैं।  मानव तस्करी और बाल यौन शोषण के खिलाफ उन्होंने देश से एकजुट होने का आह्वान किया साथ ही कहा कि परिजनों को बाल यौन शोषण के गंभीर मामलों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कोविंद ने कहा कि बच्चों के जीवनस्तर को सुधारे बिना आधुनिक सुख-सुविधाओं वाले न्यू इंडिया का कोई मतलब नहीं है। 
विज्ञापन


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के 5 विचार जो बदल सकते हैं आप की भी जिंदगी

बाल यौन शोषण और मानव तस्करी के खिलाफ नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी द्वारा निकाली गई भारत यात्रा के समापन अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति कोविंद कई बार अपने बचपन को याद किया और भावुक भी हुए।

उन्होंने कहा कि बच्चे भारत की नागरिकता का बेहतर अनुभव प्राप्त कर सकें इसके लिए उनके बचपन को संवारना बेहद जरूरी है। अपने बचपन की यादों को ताजा करते हुए देश के प्रथम नागरिक ने कहा कि ग्रामीण परिवेश में बचपन जीना आसान नहीं है। गांवों में शिक्षा से लेकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ना कठिन है। कोविंद ने कहा कि समाज में कुछ सामाजिक विकृतियां हैं जिन्हें समझ-बूझ कर भी लोग नजरअंदाज करते हैं।
विज्ञापन

कैलाश सत्यार्थी ने की कोविंद की तारीफ 

भारत यात्रा पर निकले नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी
उन्होंने कहा कि यौन उत्पीड़न एक विकृति है। सांस्कृतिक या सामाजिक बंधनों के डर से मां-बाप और परिजन यौन उत्पीड़न की घटनाओं को नजरअंदाज करते हैं। लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि कैलाश सत्यार्थी ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर समाज का ध्यान दिलाया है।

सत्यार्थी की भारत यात्रा के समापन समारोह के अवसर पर कोविंद ने उनसे आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन न्यू इंडिया को ध्यान में रखते हुए 2022 तक के लिए एक योजना बनाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन स्तर को सुधारे बिना आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस न्यू इंडिया के कोई मायने नहीं रहेंगे। महामहिम ने कहा कि हमारे देश में बच्चों के अधिकारों को लेकर कई सारे कानून और नीति हैं, जिसका पालन सही ढंग से होना चाहिए। 

कैलाश सत्यार्थी ने की कोविंद की तारीफ 

कैलाश सत्यार्थी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की तारीफ करते हुए कहा कि भारत के इतिहास में यह पहली बार है कि जब किसी राष्ट्रपति ने देह व्यापार के लिए बेची गई एक बेटी की पीड़ा सुनने के लिए उसे अपने पास बुलाया। सत्यार्थी ने कहा कि देश के प्रथम नागरिक का घर देश के सबसे दबे कुचलों के लिए खुल गया है। भारत यात्रा को सफल करार देते हुए सत्यार्थी ने कहा कि इस यात्रा ने बाल यौन शोषण और मानव तस्करी के खिलाफ देश की आत्मा को जगाने का काम किया है।

उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान कई बच्चों ने सामने आकर अपने ऊपर होने वाली ज्यादतियों को उजागर किया है। यात्रा में विभिन्न दल, जाति, धर्म और समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। सत्यार्थी ने बताया कि 35 दिनों तक चली उनकी भारत यात्रा ने देश के 22 राज्यों से गुजरते हुए 11हजार किलोमीटर की दूरी तय की है। इस दौरान राज्यों के मुख्यमंत्रियों, न्यायालयों के न्यायाधीशों, छात्रों और समाज में कार्य करने वाले विभिन्न संगठनों से बाल शोषण के मुद्दे पर चर्चा हुई। 

 
विज्ञापन

राष्ट्रपति से सत्यार्थी ने की राष्ट्रीय बाल न्यायाधिकरण गठन की मांग

बच्चे
बच्चों के जीवन को सुरक्षित बनाने के लिए सत्यार्थी ने राष्ट्रपति से राष्ट्रीय बाल न्यायाधिकरण गठन की मांग की है। अमर उजाला से बातचीत में सत्यार्थी ने कहा कि वे इस सिलसिले में जल्द ही पीएम मोदी और कानून मंत्री से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि अब से भी बाल यौन शोषण की घटनाएं रुक जाती हैं तब भी विभिन्न न्यायालयों में इतने मामले लंबित हैं कि इन्हें खत्म होने में लगभग 10 वर्ष लग जाएंगे।

इसके अलावा सत्यार्थी ने देश के सभी जिलों में विशिष्ट अदालत बनाने और सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों में बच्चों के संरक्षण के लिए विशेष कोष आवंटित करने की मांग की। उन्होंने देशवासियों से भी आह्वान किया है कि वे इस दिवाली के दिन एक दिया बचपन के नाम जलाएं और भारत को सुरक्षित बनाएं।

अपनी भारत यात्रा को सफल बताते हुए सत्यार्थी ने कहा कि जनता के बीच बाल यौन शोषण को मुद्दा बनाने में वे कामयाब रहे हैं। करीब 14 लाख लोगों ने बाल यौन शोषण और मानव तस्करी के खिलाफ शपथ ली है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें