सभी बच्चों का अनिवार्य रूप से टीकाकरण करने के लिए केरल की सरकार एक नई स्वास्थ्य नीति लेकर आने वाली है। इसके तहत अगले शैक्षणिक सत्र से लेफ्ट सरकार स्कूलों में एडमिशन के लिए टीकाकरण सर्टिफिकेट को अनिवार्य करने वाली है। सरकार के इस कदम से पांच साल की उम्र से नीचे के सभी बच्चों को बीमारियों से सुरक्षित रखने में सहयोग मिलेगा। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने कहा कि केरला में सरकार पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करना चाहती है।
राज्य की कैबिनेट ने नई
मेडिकल पॉलिसी के मसौदे की पुष्टि की है। जिसके तहत सभी अस्पतालों जिसमें कि निजी अस्पताल भी शामिल हैं, उनके लिए मानक इलाज के दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। निजी अस्पतालों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उन्हें अपने इलाज की प्रक्रिया और खर्च को सार्वजनिक करना होगा।
दूसरी बड़ी घोषणा के तहत पूरे राज्य में बोली लगाकर ट्रांसजेंडर्स के लिए क्लिनिक खोले जाएंगे जिससे कि यह राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आ सके। मसौदे के अनुसार एंटीबायोटिक दिशानिर्देश समिति का गठन किया जाएगा जोकि एंटीबायोटिक नीति बनाएगी। डॉक्टर्स के लिए जेनेरिक दवाइयां लिखना अनिवार्य किया जाएगा। नई पॉलिसी के बारे में मंत्री शैलजा ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी चुनौती इलाज के खर्च को कम करने की गै क्योंकि बढ़ते खर्च ने बहुत से लोगों को भिखारी बना दिया है।