सौंदर्य और स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार ने कौन-सी नई जीएसटी दर तय की है?
इस सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि अब इन सेवाओं पर 5% जीएसटी लगेगा, लेकिन इसमें इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) नहीं मिलेगा। पहले इस पर 18% जीएसटी लगता था।
फलों वाले कोल्ड ड्रिंक पर टैक्स क्यों बढ़ा?
सरकार ने बताया कि पहले इन पेय पदार्थों पर GST के साथ-साथ मुआवजा सेस भी लगता था। अब जब सेस खत्म किया जा रहा है, तो टैक्स बढ़ाकर उसी स्तर को बनाए रखा गया है, जिससे सरकार की आमदनी पर असर न पड़े।
पनीर और दूसरी चीज पर टैक्स में फर्क क्यों है?
सरकार ने बताया कि पैक न किए गए पनीर पर पहले से ही कोई टैक्स नहीं लगता था। इसलिए अब सिर्फ पैक और लेबल वाले पनीर पर बदलाव किया गया है। यह फैसला घरेलू स्तर पर बने पनीर को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।
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असली और नकली शहद पर टैक्स में फर्क क्यों?
सरकार का मकसद है कि प्राकृतिक शहद को बढ़ावा दिया जाए। इसलिए असली शहद पर टैक्स कम और कृत्रिम शहद पर ज्यादा रखा गया है।
क्या सभी कृषि उपकरणों पर टैक्स घटा है?
इस सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि हां सिंचाई प्रणाली, थ्रेशर, कटाई मशीन, फसल काटने वाली मशीन, खाद बनाने वाली मशीनें और अन्य खेती से जुड़े उपकरणों पर GST की दर 12% से घटाकर 5% कर दी गई है।
सभी दवाओं को टैक्स फ्री क्यों नहीं किया गया?
अगर दवाओं को पूरी तरह जीएसटी से मुक्त किया जाए तो निर्माता को इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलेगा, जिससे लागत बढ़ेगी और दवाएं और महंगी हो जाएंगी। इसलिए यह उपाय लोगों के हित में नहीं माना गया।
क्या सभी मेडिकल डिवाइसेज पर 5% जीएसटी लागू है?
सरकार ने बताया कि हां, लगभग सभी चिकित्सा, सर्जरी, डेंटल और पशु चिकित्सा उपकरणों पर अब 5% टैक्स लगेगा, कुछ विशेष रूप से छूट वाले उपकरणों को छोड़कर।
साबुन की टिकिया पर नया GST क्या है? तरल साबुन से अलग टैक्स क्यों?
सरकार ने बताया कि टॉयलेट सोप बार पर GST घटाकर 5% कर दिया गया है। इसका मकसद नीचले और मध्यवर्गीय परिवारों का मासिक खर्च कम करना है। वहीं, तरल साबुन पर अलग दर इसलिए रखी गई क्योंकि उसका प्रयोग अलग वर्ग द्वारा किया जाता है।
फेस पाउडर और शैंपू पर टैक्स क्यों घटाया गया?
सरकार ने बताया कि ये चीजें अब लगभग हर वर्ग की जरूरत बन चुकी हैं, इसलिए इन पर 5% की दर लगाई गई है। हां, इससे महंगे ब्रांड भी फायदा उठाएंगे, लेकिन टैक्स दर ब्रांड के आधार पर तय करने से सिस्टम जटिल हो जाता, इसलिए इसे सरल रखा गया है।
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केवल कुछ ही उत्पादों पर टैक्स कम क्यों किया गया?
सरकार ने कहा कि फेस पाउडर और शेविंग क्रीम जैसे उत्पाद हर वर्ग के लोग रोजाना इस्तेमाल करते हैं, इसलिए उन्हीं पर टैक्स में राहत दी गई है। बाकी वस्तुओं पर पुरानी दरें ही लागू रहेंगी।
40% जीएसटी को ‘विशेष दर’ क्यों कहा गया है?
सरकार ने बताया कि 40% की विशेष दर कुछ गिने-चुने लग्ज़री और हानिकारक वस्तुओं (जैसे सिगरेट, शरबत आदि) पर लागू की गई है। पहले इन पर जीएसटी के साथ मुआवजा उपकर भी लगता था, जो अब खत्म किया जा रहा है। टैक्स बोझ को स्थिर रखने के लिए सेस को ही जीएसटी में शामिल कर दिया गया है।
छोटे कृषि ट्रैक्टर को पूरी तरह टैक्स फ्री क्यों नहीं किया गया?
सरकार ने कहा कि पूरा टैक्स माफ करने से ट्रैक्टर निर्माता इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ नहीं ले पाएंगे, जिससे उनकी लागत बढ़ेगी और ट्रैक्टर की कीमत पर असर पड़ेगा। इसलिए टैक्स कम रखा गया, लेकिन पूरा माफ नहीं किया गया, ताकि किसान को राहत भी मिले और घरेलू उत्पादन को नुकसान भी न हो।