16 दिसंबर 1987
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के 16 दिसंबर 1987 में छपी एक रिपोर्ट में लिखा है, ''प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पिछले साल का क्रिसमस अंडमान में बिताया था वो इस साल (यानि 1987 का क्रिसमस) की छुट्टी अपने इतालवी रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ लक्षद्वीप समूह के एक निर्जन द्वीप पर बिताएंगे।''
इस रिपोर्ट में लिखा है, ''इंजीनियर और कर्मचारी आधुनिक सुविधाओं के साथ उस द्वीप पर हेलीपैड और अस्थायी झोंपड़ियों का निर्माण कर रहे हैं। इस द्वीप पर नारियल और मछलियों को छोड़कर सभी चीजों को मुख्य भूमि से लाया जाना है। जो यहां से लगभग 200 किमी से 400 किमी दूर है। यहां लाने के लिए हर चीज को एयरलिफ्ट करना पड़ेगा जिसमें कुक, पानी, जनरेटर, परिचारक और सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।''
28 दिसंबर 1987
वहीं इंडियन एक्सप्रेस की 28 दिसंबर 1987 की रिपोर्ट के अनुसार, ''प्रधानमंत्री राजीव गांधी के निर्जन द्वीपों में से एक पर छुट्टियां मनाने के कारण मुख्यभूमि से लक्षद्वीप तक लोगों की आवाजाही को बंद कर दिया गया है। जो भी लोग द्वीप पर जाना चाहते हैं उन्हें अब प्रधानमंत्री की छुट्टियां खत्म होने का इंतजार करना पड़ेगा। 15 जनवरी तक सभी जहाजों के टिकट के बिक्री को भी बंद कर दिया गया है। इसकों लेकर अधिकारियों द्वारा कारण दिया गया है कि सभी उपलब्ध सीटें यात्रियों द्वारा अग्रिम में बुक की गई थीं और कुछ सीटें प्रधानमंत्री की यात्रा के सिलसिले में मंत्रियों और अधिकारियों के लिए आरक्षित थीं।''
राजीव गांधी और सोनिया गांधी ने बंगाराम आइलैंड पर छुट्टियां मनाने के लिए आईएनएस विराट का इस्तेमाल किया था। खासतौर पर उनके लिए ही भारतीय नौसेना के संसाधनों का इस्तेमाल किया गया। मैं खुद इसका गवाह हूं। मैं भी उस वक्त आईएनएस विराट पर ही तैनात था। - वीके जेटली, रिटायर्ड नौसेना कमांडर
ट्रिप पूरी तरह आधिकारिक
राजीव और उनकी पत्नी की ट्रिप पूरी तरह से आधिकारिक थी। सारे प्रोटोकॉल फॉलो किए गए। कोई छुट्टी पर नहीं आया था। इससे पहले भी कई प्रधानमंत्री विराट पर आ चुके हैं। राहुल गांधी उनके साथ थे लेकिन कोई विदेशी नहीं था। - विनोद पसरीचा, आईएनएस विराट के तत्कालीन कमांडिंग ऑफिसर
पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल (रि.) एल रामदास ने भी जारी किया बयान
कांग्रेस ने जहां इसे लेकर पीएम मोदी और भाजपा पर पलटवार किया वहीं पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल (रि.) एल रामदास ने भी बयान जारी किया। रामदास उस वक्त दक्षिणी कमान के चीफ थे। उन्होंने कहा कि 'जिस वाकये को राजीव का सपरिवार छुट्टी मनाना बताया जा रहा है, वह दरअसल उनका सरकारी दौरा था। वे लोग वहां लड्डू-पेड़े बांटने नहीं गए थे। राजीव के साथ आईएनएस विराट पर कोई विदेशी नहीं था।'
प्रियंका और राहुल ने भी साधा निशाना
वहीं, प्रियंका गांधी ने भी पीएम मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि- मैंने अपनी जिंदगी में इनसे बड़ा कायर और कमजोर प्रधानमंत्री नहीं देखा।' जबकि, राहुल गांधी ने कहा कि 'आप दिल खोलकर राजीव गांधी की बात कीजिए, लेकिन जनता को यह भी समझा दें कि राफेल के मामले में आपने क्या किया और क्या नहीं किया।' दूसरी ओर, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी के आरोप का समर्थन किया है। रक्षा मंत्री गुरुवार को भोपाल में थीं।