मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023
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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है। पार्टी ने मंगलवार को आगामी चुनाव के मद्देनजर प्रदेश चुनाव प्रचार समिति का पुनर्गठन किया। इस समिति में 32 नाम शामिल किए गए हैं। पूर्व सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता कांतिलाल भूरिया इसके अध्यक्ष होंगे।
इस समिति में शामिल चेहरे कौन से हैं? किस इलाके से किन नेताओं को इस समिति में जगह मिली है? कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के कितने करीबी इस समिति में जगह बनाने में सफल रहे हैं? क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण को किस तरह से साधा गया है? आइये समझते हैं…
Mallikarjun Kharge
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चुनाव प्रचार समिति में शामिल चेहरे कौन से हैं?
कांग्रेस की प्रदेश चुनाव प्रचार समिति में 32 चेहरों को जगह दी गई है। इसके साथ ही सूची में सभी अनुशांगिक संगठन, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक विभागों के प्रदेश अध्यक्षों को भी इसमें शामिल किया गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जगह मिली है। कांतिलाल भूरिया को इसका अध्यक्ष बनाया है।
झाबुआ से आने वाले भूरिया प्रदेश के कद्दावर आदिवासी नेताओं में से एक हैं। वह वर्तमान में झाबुआ विधानसभा सीट से विधायक हैं। विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस आदिवासी मतदाताओं का समर्थन हासिल करने की लगातार कोशिश कर रही है। भूरिया को यह जिम्मेदारी देना इसी कड़ी में एक और कदम है।
भूरिया की टीम में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह भी शामिल हैं। इसके अलावा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पचौरी, विधायक और दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति, छह बार के विधायक और पूर्व मंत्री केपी सिंह कक्काजू, पूर्व विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र सिंह जैसे नेता इस सूची में शामिल हैं।
दिग्विजय सिंह
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सभी सांसदों को मिली समिति में जगह
लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर मध्य प्रदेश से कांग्रेस के चार सांसद हैं। चारों को इस चुनाव प्रचार समिति में जगह दी गई है। लोकसभा सांसद और कमलनाथ के बेट नकुल नाथ, पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा और राज्यसभा सांसद राजमणि पटेल चुनाव प्रचार समिति का हिस्सा हैं।
प्रचार समिति में कितना सधा क्षेत्रीय संतुलन?
कांग्रेस की इस चुनाव प्रचार समिति में क्षेत्रीय सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की गई है। इसमें सबसे ज्यादा नौ नेताओं को मालवा-निमाड़ क्षेत्र से जगह मिली है। इस मामले में दूसरा स्थान पर ग्वालियर-चंबल और महाकौशल के इलाके हैं जहां से सात-सात नेताओं को मौका दिया गया है। विंध्य और भोपाल-नर्मदापुरम क्षेत्रों से चार-चार नेता ही जगह पा सके। चुनाव प्रचार समिति में बुंदेलखंड का सबसे कम प्रतिनिधित्व मिला है। यहां से केवल सुरेंद्र चौधरी ही जगह बना पाए हैं। वहीं, सामाजिक समीकरण साधने के प्रयास में आदिवासी, दलित, पिछड़ा समाज समेत तमाम वर्गों से आने वाले नेताओं को मौका दिया गया है।
| क्षेत्र |
सीटें |
इन नेताओं को मिली जगह |
| मालवा-निमाड़ |
66 |
कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, सज्जन सिंह वर्मा, बाला बच्चन, विजयलक्ष्मी साधौ, जीतू पटवारी, सुरेंद्र सिंह हनी बघेल, शोभा ओझा, महेंद्र जोशी |
| ग्वालियर-चंबल |
34 |
डॉ. गोविंद सिंह, दिग्विजय सिंह, केपी सिंह, लक्ष्मण सिंह, लाखन सिंह यादव, रामनिवास रावत, अशोक सिंह |
| महाकौशल |
38 |
कमलनाथ, विवेक तन्खा, नकुल नाथ, एनपी प्रजापति, तरुण भनोट, ओमकार सिंह मरकाम, हिना कावरे |
| भोपाल-नर्मदापुरम |
36 |
सुरेश पचौरी, सुखदेव पांसे, आरिफ मसूद, राजीव सिंह |
| विंध्य |
30 |
अजय सिंह राहुल, राजमणि पटेल, राजेंद्र सिंह, कमलेश्वर पटेल |
| बुंदेलखंड |
26 |
सुरेंद्र चौधरी |
कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को स्टार प्रचारकों की सूची में जगह नहीं मिली है।
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समिति में परिवारवाद की भी झलक?
कमलनाथ और दिग्विजय सिंह दोनों खुद के साथ ही अपने परिवार के सदस्यों को भी समिति में जगह दिलाने में कामयाब रहे हैं। कमलनाथ के बेटे और छिंदवाड़ा सांसद नकुल नाथ भी चुनाव प्रचार समिति का हिस्सा हैं। वहीं, दिग्विजय सिंह के भाई और विधायक लक्ष्मण सिंह को भी इसमें जगह मिली है। हालांकि, उनके बेटे और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह इस समिति में जगह नहीं पा सके। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के बेटे और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल को भी चुनाव प्रचार समिति में शामिल किया गया है। पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुभाष यादव के बेटे अरुण यादव भी इस समिति का हिस्सा हैं।
पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी
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कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे ज्यादातर चेहरों को मौका
पिछली कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे कई चेहरों को चुनावी समिति में जगह मिली है। इसमें सज्जन सिंह वर्मा, बाला बच्चन, तरूण भनोट, ओमकार सिंह मरकाम, डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ, सुखदेव पांसे, लाखन सिंह यादव, कमलेश्वर पटेल, जीतू पटवारी जैसे नाम शामिल हैं। इसके साथ ही शोभा ओझा, हिना कावरे और डॉक्टर विजयलक्ष्मी साधौ जैसी महिला नेताओं को भी चुनाव प्रचार समिति में शामिल किया गया है। भोपाल मध्य से विधायक आरिफ मसूद को जगह दी गई है। बता दें कि मसूद राज्य विधानसभा में दो मुस्लिम विधायकों में हैं। दूसरे मुस्लिम विधायक आरिफ अकील हैं।