नया कोरोना वायरस जहां तांबे की सतह पर चार घंटे में नष्ट हो जाता है, इसे स्टील पर खत्म होने में 72 और प्लास्टिक पर 96 घंटे लग रहे हैं। यह दावा वैज्ञानिकों ने पांच तरह के हालात में वायरस के जीवित रहने पर किए शोध के आधार पर किया है। उनकी रिपोर्ट संक्रमण फैला रहे सीवियर एक्यूट रेस्पिरेट्री सिंड्रम कोरोनावायरस-2 (सार्स-सीओवी-2) के प्रसार को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कोरोना वायरस : कहां, कितने समय जीवन
| हालात |
मौजूदगी |
| वायु में मौजूद कणों-तत्वों (एयरोसोल) में |
3 घंटे |
| प्लास्टिक |
96 घंटे |
| स्टील |
72 घंटे |
| तांबा |
चार घंटे |
| कार्ड बोर्ड |
24 घंटे |
- चेताया : कोरोना वायरस हवा में मौजूद कोहरे, भाप, धूल, परागकण आदि कणों में तीन घंटे तक जीवित और संक्रमण करने योग्य पाया गया। वैज्ञानिकों ने चेताया कि यह हवा से भी वायरस संक्रमण होने का संकेत है। जहां वायरस तेजी से बढ़ रहा है, वहां इसके हवा से फैलने की आशंका बढ़ जाती है।
- थोड़ी राहत भी : यह वायरस इन पांचों हालात में कई घंटे तक बना तो रहता है, लेकिन इसकी मात्रा लगातार घटती जाती है। हालांकि किसी भी मात्रा में भी यह संक्रमण तो कर सकता है, लेकिन मात्रा कम होने से संभावना भी कम हो जाती है। इन सतहों को साबुन, डिटर्जेंट या किसी डिसइंफेक्टेंट से साफ करके संक्रमण रोका सकते हैं।
- रिपोर्ट इनकी : न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित इस रिपोर्ट को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज हैमिल्टन, प्रिंस्टन विश्वविद्यालय, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने बनाया है।
क्या गर्मी में खत्म होगा?
फिलहाल इसे लेकर व्यापक अध्ययन नहीं हुए हैं। मौजूदा अध्ययन प्रयोगशाला में 21 से 23 डिग्री सेल्सियस तापमान पर हुआ। ऐसे में कुछ वैज्ञानिक उम्मीद कर रहे हैं कि वातावरण में तेज धूप होने पर वायरस खत्म होने की गति बढ़ सकती है।