तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने एक ट्वीट में कहा, 'यह अब नजर आ रहा है कि भाजपा के बंगाल प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका अब सिर्फ जहर उगलने तक रह गई है। बंगाल के मुख्यमंत्री पर तीखे हमले से लेकर टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले तक उन्होंने सारी हदें पार कर दी हैं। एक बार फिर स्तब्ध करने वाला बयान।'
महुआ मोइत्रा भी भड़क उठी
दिलीप घोष की कथित टिप्पणी पर ट्वीट करते हुए टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, 'भाजपा के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष ने जनसभा में पूछा कि ममता दी साड़ी क्यों पहन रही हैं, उन्हें बरमूडा शॉर्ट्स पहनना चाहिए जिससे अपना पैर अच्छे से दिखा सकें। इन विकृत….(लोगों को) को लगता है कि वे बंगाल जीतने जा रहे हैं।'
उधर भाजपा प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि इस टिप्पणी पर विवाद खड़ा करने की जरूरत नहीं है। भट्टाचार्य ने कहा, 'मुझे लगता है कि इन टिप्पणियों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। मुख्यमंत्री भाजपा और हमारे नेताओं के खिलाफ कई तीखी टिप्पणी करती हैं। दिलीप घोष एक सज्जन व्यक्ति हैं। अगर उन्होंने रैली में ऐसी टिप्पणी की भी है तो यह दिमाग में रखना चाहिए कि चुनावी सभाओं में कई बातें कही जाती हैं जिन्हें हमेशा गंभीरता से नहीं देखा जाना चाहिए।' घोष मुख्यमंत्री की काफी इज्जत करते हैं। इसलिये कोई विवाद नहीं खड़ा किया जाना चाहिए।”
दिलीप घोष से संपर्क नहीं हुआ
पुरुलिया जिले में मंगलवार को प्रचार कर रहे घोष से उनकी प्रतिक्रिया के लिए समाचार एजेंसी ने प्रयास किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
फेसबुक उपयोगकर्ता चैताली विश्वास ने अपनी टाइमलाइन पर लिखा, “प्रिय दिलीपदा। अगर पुरुष अपने पैर दिखाते हुए बरमूडा पहनकर बाहर जा सकते हैं तो महिलाएं उम्मीद करती हैं कि उनके बरमूडा पहनने पर भी आपको कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। यह दोनों (पुरुषों व महिलाओं) के लिये बेहद आरामदेह है। और निश्चित रूप से मुख्यमंत्री अगर चाहें तो इसे पहन सकती हैं।”
गौरतलब है कि 10 मार्च को नंदीग्राम में अपना नामांकन दाखिल करने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चोटिल हो गई थीं।