केआईआईटी और अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ टुलसा में समझौता
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कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी, भुवनेश्वर) डीम्ड विश्वविद्यालय के इतिहास में गुरुवार को एक और नया अध्याय जुड़ गया। अब यहां के छात्र दोहरी डिग्री हासिल कर सकेंगे। इसके लिए गुरुवार को केआईआईटी में केआईआईटी और केआईएसएस के संस्थापक डॉ. अच्युता सामंता की उपस्थिति में अमेरिका स्थित ओक्लाहोमा, के यूनिवर्सिटी ऑफ टुलसा ने एक समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत बी.टेक के छात्र दोहरी डिग्री हासिल कर सकेंगे। विश्वविद्यालय की ओर से इसे उच्च शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
केआईआईटी के उपकुलपति प्रो. सरणजीत सिंह ने बताया कि यह पहल एक अनोखा 2+2 कार्यक्रम पेश करती है, जिसमें छात्र केआईआईटी में दो साल और यूनिवर्सिटी ऑफ टुलसा में दो साल बिताएंगे। इस कार्यक्रम की समाप्ति पर, वे समान स्तर पर दो डिग्रियां प्राप्त करेंगे। यह कार्यक्रम केआईआईटी की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य अपनी शैक्षिक पेशकशों के अंतरराष्ट्रीयकरण को बढ़ावा देना है।
समर में टुलसा जाएंगे केआईआईटी के छात्र
उन्होंने बताया कि दोहरी डिग्री कार्यक्रम के अलावा, विभिन्न विषयों के 40 छात्र, जिनमें इंजीनियरिंग और लिबरल स्टडीज शामिल हैं, समर के दौरान यूनिवर्सिटी ऑफ टुलसा में शॉर्ट कोर्स में भाग लेंगे। इस पहल का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच अनुसंधान, संकाय विनिमय और सबैटिकल्स में और अधिक सहयोग को बढ़ावा देना है। यूनिवर्सिटी ऑफ टुलसा की वाइस प्रोवॉस्ट फॉर ग्लोबल एंगेजमेंट डॉ. विवियन वांग ने इस सहयोग के लिए उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि यह भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल केआईआईटी का दौरा करने के बाद उनके मन में संस्थान की गुणवत्ता शिक्षा, विशेष रूप से आदिवासी छात्रों के लिए प्रतिबद्धता का गहरा प्रभाव पड़ा था।
प्रोफेसर सिंह ने कहा, यूनिवर्सिटी ऑफ टुलसा को छात्र प्लेसमेंट्स के लिए उनके मजबूत समर्थन के लिए जाना जाता है, जो 100 प्रतिशत प्लेसमेंट दर के साथ केआईआईटी के कैंपस प्लेसमेंट्स की उपलब्धियों के साथ मेल खाता है। इस मौके पर केआईएसएस के उपकुलपति प्रोफेसर देबाशीष बंधोपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए दोनों संस्थानों के लिए इस साझेदारी के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में केआईआईटी के रजिस्ट्रार प्रोफेसर ज्ञान रंजन मोहंती और विभिन्न स्कूलों के निदेशक, डीन और संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
खुलेंगे ज्ञान के नए द्वार, मिलेगा अधिक अवसरः सामंता
इस मौके पर केआईआईटी और केआईएसएस के संस्थापक डॉ. अच्युता सामंता ने कहा, यह समझौता केआईआईटी के छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय संदर्भ में शिक्षा का अनुभव प्राप्त करने के अवसर खोलता है। इससे ज्ञान के नए द्वार खुलेंगे और विद्यार्थियों को अधिक अवसर प्राप्त होंगे। हमारा मकसद है, केआईआईटी के विद्यार्थियों को उनके शैक्षिक यात्रा को और अधिक समृद्ध करना।