फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Israel: यूएन से दूरी क्यों बढ़ा रहा है इस्राइल? सात अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से तुरंत संबंध तोड़ने का एलान

Wed, 14 Jan 2026 12:46 AM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव

सार

इस्राइल ने संयुक्त राष्ट्र की सात एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से तुरंत सभी संबंध तोड़ने का एलान किया है। विदेश मंत्रालय का आरोप है कि इन संस्थाओं ने इस्राइल के खिलाफ पक्षपातपूर्ण और विरोधी रुख अपनाया है।
 
विज्ञापन
इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य पूर्व में जारी तनाव और संयुक्त राष्ट्र मंचों पर लगातार आलोचना के बीच इस्राइल ने बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने ऐलान किया है कि वह संयुक्त राष्ट्र की कई एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से तत्काल सभी संपर्क समाप्त कर रहा है। मंत्रालय का कहना है कि इन संस्थाओं ने इस्राइल के खिलाफ पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया और बार-बार उसे निशाना बनाया।

विज्ञापन


इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि अमेरिका की हालिया घोषणा में जिन संगठनों का जिक्र था, उनमें से कई से इस्राइल पहले ही रिश्ते तोड़ चुका है, जबकि कुछ अन्य संस्थाओं से अब औपचारिक रूप से नाता खत्म करने का निर्णय लिया गया है। मंत्रालय ने साफ किया कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और निष्पक्षता के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

ये भी पढ़ें- Russia Warn US: 'विनाशकारी नतीजे...', ईरान में प्रदर्शनकारियों को ट्रंप की मदद के दावे पर रूस की कड़ी चेतावनी
विज्ञापन


किन संस्थाओं से पहले ही तोड़े गए रिश्ते

  • सशस्त्र संघर्ष में बच्चों के लिए महासचिव के विशेष प्रतिनिधि का कार्यालय... इस कार्यालय पर 2024 में आईडीएफ को काली सूची में डालने का आरोप है।
  • संयुक्त राष्ट्र लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण संस्था... इस्राइल का आरोप है कि 7 अक्टूबर 2023 को इस्राइली महिलाओं के खिलाफ हुए यौन अपराधों को इस संस्था ने नजरअंदाज किया।
  • व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन और पश्चिमी एशिया के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग... इन पर वर्षों से इस्राइल विरोधी रिपोर्टें जारी करने का आरोप लगाया गया है।
 

अब किन नए संगठनों से नाता तोड़ा गया?
संयुक्त राष्ट्र सभ्यताओं का गठबंधन
, संयुक्त राष्ट्र ऊर्जा  साथ ही प्रवासन और विकास पर वैश्विक मंच शामिल हैं। मंत्रालय का आरोप है कि ये मंच इस्राइल को शामिल किए बिना उसके खिलाफ माहौल बनाने के लिए इस्तेमाल होते रहे हैं।

ये भी पढ़ें- ग्रीनलैंड की मंत्री बोलीं- अमेरिकी योजना समझ से परे, ट्रंप के दावों से देश में भय का माहौल

विज्ञापन


इस्राइल के आरोप और आगे की रणनीति
इस्राइल का कहना है कि कुछ अंतरराष्ट्रीय मंचों ने उसे आतंकवादी संगठनों के बराबर रखकर पेश किया, जो एक लोकतांत्रिक देश के लिए अस्वीकार्य है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में अन्य संगठनों की भूमिका की समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ी तो और फैसले लिए जाएंगे। यह कदम इस्राइल की उस नीति का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने खिलाफ हो रहे “चयनात्मक व्यवहार” को बर्दाश्त नहीं करेगा।

इस्राइल के इस फैसले से संयुक्त राष्ट्र और उससे जुड़ी संस्थाओं के साथ उसके रिश्तों में और खटास आने की आशंका है। जानकारों के मुताबिक, इससे मध्य पूर्व के कूटनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस्राइल की भूमिका सीमित हो सकती है। हालांकि, इस्राइल का तर्क है कि निष्पक्षता के बिना सहयोग संभव नहीं है और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें