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SIR: 'बंगाल में एसआईआर जरूरी, लेकिन तरीका सही नहीं', नेताजी के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने क्यों कही ये बात?

Mon, 19 Jan 2026 02:42 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल में एसआईआर का पहला चरण पूरा होने के बाद मसौदा मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.08 करोड़ रह गई थी। पहले चरण में पूरे राज्य से 58 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। वहीं, दूसरे चरण में 1.67 करोड़ मतदाताओं की सुनवाई हो रही है।
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नेताजी के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस - फोटो : ANI
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विस्तार
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में चल रहा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे सही तरीके से नहीं किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल एसआईआर से जुड़े सुनवाई सत्र में शामिल हुए बोस ने इस प्रक्रिया को सरासर उत्पीड़न करार देते हुए कहा कि इसमें स्पष्टता की कमी है।
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गौरतलब है कि बोस ने 2016 का विधानसभा चुनाव और 2019 का लोकसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ा था। उन्होंने बताया कि 16 जनवरी को वह, उनकी पत्नी और बेटी सुनवाई के लिए उपस्थित हुए। वहीं, उनके दो बेटे विदेश में हैं, जिन्होंने अपनी ओर से उन्हें अधिकृत किया था।

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'नेताजी' के प्रपौत्र ने लगाए गंभीर आरोप
चंद्र कुमार बोस ने पीटीआई से बातचीत में कहा, 'एसआईआर जरूरी है, लेकिन जिस तरह से इसे किया जा रहा है, वह ठीक नहीं है। आम लोगों को एसआईआर के नाम पर परेशान किया जा रहा है। मुझे समझ नहीं आता कि इसे इतनी जल्दबाजी में क्यों किया जा रहा है?'

उन्होंने दावा किया कि मैंने और मेरे परिवार के सदस्यों ने गणना प्रपत्रों के साथ सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए थे। इसके बावजूद उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया। बोस ने कहा, 'हमें यह कहकर बुलाया गया कि लिंकिंग में समस्या है। यह काफी हैरान करने वाला कारण था। मुझे एसआईआर के लिए बुलाए जाने से शिकायत नहीं है, लेकिन पूरी प्रक्रिया अव्यवस्थित है और इसमें कोई स्पष्टता नहीं दिखती है।'
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एसआईआर की प्रक्रिया में समस्या पर खड़े किए ये सवाल?
  • उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह से उत्पीड़न है।
  • बोस ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि पहले कहा गया कि 2002 की मतदाता सूची में मेरा नाम नहीं है, बाद में मेरा नाम मिल गया।
  • उन्होंने कहा कि अब सभी वैध दस्तावेज जमा करने के बाद कहा जा रहा है कि लिंकिंग में समस्या है।
  • उन्होंने कहा कि अगर यह तकनीकी समस्या है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है?

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