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नेपाली PM ने भारत में खेला चीनी पैंतरा, OBOR पर नहीं साफ किया अपना स्टैंड

Sat, 07 Apr 2018 06:12 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Nepal on OBOR
नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भारत आए हुए हैं। जैसा की ओली को समझा जाता है कि उनका रुख चीन के प्रति नर्म है, कुछ उसी तरह के संकेत उन्होंने भारतीय न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए दिए हैं। भारत की तरफ से नेपाल को मुहैया होने वाली सुविधाएं और सुरक्षा किसी से छुपी नहीं है। ऐसे में भी नेपाली प्रधानमंत्री ने भारत और चीन के बीच अपना कोई स्टैंड नहीं रखा। 
 
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भौगोलिक तौर से भारत-चीन के बीच नेपाल महत्वपूर्ण देश है। फिर भी इतिहास गवाह है कि नेपाल के प्रति भारत का रुख चीन से ज्यादा नरम है। ऐसे में जब से ओली नेपाल के प्रधानमंत्री बने हैं, कूटनीतिक जानकार इसे चीन को एडवांटेज बता रहे हैं। 'वन बेल्ट, वन रोड' चीन का वो आर्थिक प्रोजेक्ट है जिसके जरिए चीन दुनिया भर में अपनी कनेक्टिविटी मजबूत करना चाहता है। 
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चीन पुल, रेलमार्ग और पेट्रोल स्टेशन बनाकर कई देशों में अपनी कनेक्टिविटी मजबूत कर चुका है। 'वन बेल्ट, वन रोड' चीन के ऐतिहासिक व्यापार मार्ग का पुनर्निमाण करना है। ऐसे में चीन का मानना है कि वो दुनिया में अपनी बादशाहत व्यापार के आर्थिक मुनाफे से ही पा सकता है।

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इसके लिए वो कई देशों को मना चुका है। पड़ोसी देशों में नेपाल उसके मंसूबे पूरा करने की बड़ी जद्दोजहद है। लेकिन भारत का स्टैंड ऐसे में नेपाल के फैसले पर विशेष महत्व रखता है। 
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ओली ने भारत में संकेत दिए हैं कि नेपाल, भारत-चीन के बीच स्थित है। इसलिए 'वन बेल्ट, वन रोड' मामले में उसका न्यूट्रल रुख ज्यादा ठीक है। अपने बयान में नेपाली प्रधानमंत्री ने जो कहा है इससे ये साफ हो रहा है कि नेपाल भी अब चीनी भाषा बोलने लगा है।
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अपना स्पष्ट रुख ना रखते हुए नेपाली प्रधानमंत्री ने कई रास्ते खुले रखे हैं, ऐसे में नेपाल भारत को निराश करने वाला कदम नहीं उठाएगा ये विश्वास करना आसान नहीं है।   
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