नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड बृहस्पतिवार से भारत दौरे पर आ रहे हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बनने के बाद से यह उनका पहला विदेश दौरा है। यह दौरा दोनों ही देशों के लिए सामरिक दृष्टिकोण से अहम है क्योंकि पिछली सरकार के चीन के साथ नजदीकी रिश्ते के कारण रिश्तों में खटास आ गई थी।
लेकिन प्रधानमंत्री बनने के साथ ही प्रचंड ने साफ कर दिया कि वह भारत और चीन दोनों से रिश्ते को प्रगाढ़ करना चाहते हैं। भारत भी नेपाली प्रधानमंत्री प्रचंड के दौरे को लेकर काफी आशान्वित है। भारत नए प्रधानमंत्री को ईस्ट-वेस्ट रेल लाइन बनाने में मदद और बंदरगाहों के उपयोग का प्रस्ताव दे सकता है।
भारत का चार दिनी दौरा शुरू होने से पहले प्रचंड ने कहा कि दोनों पक्ष रेलवे लाइनों के विस्तार पर चर्चा करेंगे। भारत पूर्वी नेपाल में मेची से पश्चिम में महाकाली तक रेल लाइन बिछाने में मदद करेगा।