नेपाल की पहली महिला राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी 17 अप्रैल से चार दिवसीय यात्रा पर भारत आएंगी। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निमंत्रण पर पहली आधिकारिक यात्रा पर आ रहीं भंडारी ओडिशा और गुजरात भी जाएंगी। भंडारी ऐसे समय में भारत आ रही हैं जब नेपाल के नए संविधान में मधेशियों के मुद्दे का समाधान नहीं हो पाया है।
भारत ने भंडारी के दौरे से दोनों देशों के सदियों पुराने द्विपक्षीय संबंधों में और मजबूती आने की उम्मीद जताई है। चार दिवसीय दौरे में भंडारी राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सहित विपक्ष के भी कई नेताओं से मुलाकात करेंगी।
पिछले साल राष्ट्रपति बनने के तत्काल बाद ही भंडारी का भारत दौरा तय हुआ था। हालांकि उस दौरान नेपाल में मचे सियासी उथल पुथल के कारण दौरा रद्द हो गया था। माना जा रहा है कि अपने भारत दौरे में भंडारी नेपाल के नए संविधान पर उपजे विवाद और मधेशियों की समस्या के संदर्भ में बात करेंगी। गौरतलब है कि नेपाल के नए संविधान पर भारत के विरोध के कारण दोनों देशों के बीच कूटनीतिक टकराव चरम पर पहुंच गया था। इस मामले में नेपाल ने पहली बार भारत पर आर्थिक नाकेबंदी का आरोप लगाते हुए संयुक्त राष्ट्र का दरवाजा खटखटाया था। गौरतलब है कि नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प दहल प्रचंड की भारत यात्रा के बाद भंडारी की भारत यात्रा पर फिर से सहमति बनी थी।