नेपाल बाढ़ में तमिलनाडु के पर्यटकों को लेकर बढ़ी चिंता
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नेपाल में बुधवार सुबह आई अचानक और भीषण बाढ़ के बाद तमिलनाडु के करीब 50 पर्यटकों के फंसे या लापता होने की खबर सामने आई है। इस स्थिति को देखते हुए लोकसभा सांसद दयानिधि मारन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से तत्काल हस्तक्षेप करने और प्रभावित भारतीयों को सुरक्षित निकालने की मांग की है। मारन ने कहा कि लगातार बाढ़ और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बचाव अभियान में परेशानी आ रही है।
भोटे कोशी नदी में स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे अचानक बाढ़ आ गई। पानी तिब्बत की तरफ से आया और इससे रसुवा तथा धादिंग जिलों के साथ काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट जिला प्रभावित हुआ। इस आपदा में कम से कम चार लोगों की मौत हुई है। बाढ़ के पानी ने नदी किनारे बसी बस्तियों में भारी तबाही मचाई और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचाया है।
दयानिधि मारन ने केंद्र से क्या मांग की?
मारन ने द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन के मार्गदर्शन में विदेश मंत्री जयशंकर को पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि कई लोगों की मौत हुई है और तमिलनाडु के करीब 50 पर्यटकों समेत कई लोग लापता हैं। उन्होंने विदेश मंत्रालय से नेपाल में भारतीय दूतावास और बचाव दलों को सक्रिय कर प्रभावित लोगों का पता लगाने, उन्हें सुरक्षित निकालने और जरूरत पड़ने पर भारत वापस लाने के निर्देश देने की मांग की। मारन ने कहा कि सड़क, पुल और संचार व्यवस्था को हुए नुकसान से पर्यटकों के परिवारों की चिंता और बढ़ गई है।
अंबुमणि रामदॉस ने क्या दावा किया?
पीएमके प्रमुख डॉ. अंबुमणि रामदॉस ने भी नेपाल में फंसे भारतीयों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उत्तर रसुवा इलाके में अचानक आई बाढ़ के कारण 400 से अधिक भारतीयों के फंसे होने की खबर है, जिनमें कुंभकोणम क्षेत्र के 57 लोग शामिल हैं। उनके अनुसार, प्रभावित पर्यटक तंजावुर, तिरुवरूर और मयिलादुथुरई जिलों से हैं। उन्होंने बताया कि 22 लोगों के बचाए जाने की सूचना है, जबकि बाकी लोगों की स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने केंद्र और तमिलनाडु सरकार से नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर सभी लोगों को सुरक्षित वापस लाने की मांग की।
टीटीवी दिनाकरन ने क्या अपील की?
अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम के नेता टीटीवी दिनाकरन ने भी नेपाल में फंसे तमिलनाडु के लोगों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बाढ़ और भूस्खलन में पर्यटकों के फंसने की खबर बेहद चिंताजनक है। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से विदेश मंत्रालय तथा राज्य सरकार के अधिकारियों को मिलकर काम करने और जिन 37 से अधिक लोगों का अभी पता नहीं चल पाया है, उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की।